Report: Anuj Saini
Muzaffarnagar Court उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में वर्ष 2007 के चुनाव आचार संहिता उल्लंघन से जुड़े एक पुराने मामले में दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी शुक्रवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में पेश हुए। अदालत में उपस्थित होकर उन्होंने अपने खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) को निरस्त कराने की अर्जी दी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही उनके खिलाफ जारी वारंट रद्द कर दिए गए।
Muzaffarnagar Court जानकारी के अनुसार मामला 28 मार्च 2007 का है। आरोप है कि खतौली विधानसभा क्षेत्र में तत्कालीन यूडीएफ प्रत्याशी शाकिर अली के चुनाव प्रचार के दौरान शाही इमाम अहमद बुखारी बिना प्रशासनिक अनुमति के हेलीकॉप्टर से पहुंचे थे। उस समय जिले में चुनाव आचार संहिता लागू थी। इस मामले में शाही इमाम अहमद बुखारी, तत्कालीन प्रत्याशी शाकिर अली और आयोजक मोहम्मद इनाम कुरैशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
Muzaffarnagar Court मामले की सुनवाई के दौरान लगातार अदालत में उपस्थित न होने पर सीजेएम कोर्ट ने अहमद बुखारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किए थे। करीब 19 साल बाद शुक्रवार को वह स्वयं अदालत में पेश हुए और वारंट निरस्त करने का अनुरोध किया, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
Muzaffarnagar Court मौलाना के अधिवक्ता कैलाश सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में अन्य दोनों आरोपी पहले ही अदालत में पेश हो चुके थे। अहमद बुखारी अपने खिलाफ जारी वारंट के संबंध में अदालत पहुंचे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत ने केवल वारंट निरस्त किया है, मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है।
Muzaffarnagar Court अदालत में पेशी के बाद अहमद बुखारी दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस दौरान मीडिया ने उनसे बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया।
फिलहाल अदालत द्वारा गैर-जमानती वारंट निरस्त किए जाने के बाद अब इस 2007 के मामले में नियमित न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और आगामी सुनवाई में कोर्ट कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
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