NEET: देशभर में NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर विरोध-प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र और विभिन्न संगठन लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि विपक्ष सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाने का संकेत दिया। दूसरी ओर, इस पूरे मामले से जुड़ी कई याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा, जिसमें परीक्षा प्रणाली और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को लेकर कई महत्वपूर्ण मांगें की गई हैं।
NEET: आज सुप्रीम कोर्ट में होगी NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले से संबंधित कई याचिकाएं आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हैं। इन याचिकाओं में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता, सुरक्षा और जवाबदेही को लेकर कई अहम सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में व्यापक सुधार की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
NEET: NTA की भूमिका पर उठे सवाल
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में परीक्षा आयोजित करने वाली नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि या तो NTA में व्यापक बदलाव किए जाएं या फिर उसकी जगह नई, तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और स्वतंत्र संस्था बनाई जाए, जो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का संचालन बेहतर तरीके से कर सके।
NEET: CBI जांच रिपोर्ट भी मांगी गई
याचिकाओं में यह मांग भी की गई है कि सुप्रीम कोर्ट केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को निर्देश दे कि वह पेपर लीक मामले की जांच की प्रगति पर निर्धारित समयसीमा के भीतर विस्तृत रिपोर्ट अदालत के सामने प्रस्तुत करे।
याचिकाकर्ताओं का मानना है कि समयबद्ध जांच और पारदर्शी रिपोर्ट से पूरे मामले की सच्चाई सामने आने में मदद मिलेगी।
NEET: PM मोदी ने VIDEO संदेश में दिया बड़ा भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात वीडियो संदेश जारी कर छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि सरकार पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दोषियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिससे भविष्य में परीक्षा प्रणाली पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बन सके।
NEET: प्रधानमंत्री ने छात्रों को दिए तीन अहम संदेश
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने तीन महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी छात्र का भविष्य खराब नहीं होने देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी विद्यार्थी का मनोबल नहीं टूटना चाहिए और हर छात्र को यह भरोसा होना चाहिए कि उसे निष्पक्ष और समान अवसर मिलेगा। सरकार इसी सोच के साथ परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में काम कर रही है।
NEET: नए परीक्षा मॉडल और सख्त कानून की तैयारी
सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए नए परीक्षा मॉडल पर काम कर रही है। जानकारी के अनुसार, एक ऐसी व्यवस्था तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है जो तकनीकी रूप से मजबूत, पारदर्शी और विश्वसनीय हो।
इसी क्रम में पेपर लीक रोकने के लिए नए कानून का मसौदा भी तैयार किया गया है। संभावना है कि इस प्रस्ताव पर कैबिनेट में चर्चा के बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा।
NEET: सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद खत्म किया अनशन
इधर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अस्पताल पहुंचकर उन्हें जूस पिलाया, जिसके बाद उन्होंने भूख हड़ताल खत्म की।
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार से लिखित आश्वासन मिलने और कई दौर की बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला लिया।
NEET: सरकार ने आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर दिया भरोसा
सोनम वांगचुक के अनुसार, सरकार ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं के खिलाफ सकारात्मक रुख अपनाने का आश्वासन दिया है।
इसके अलावा सरकार ने यह भी भरोसा दिया है कि संसद में पेपर लीक से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा होगी और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
NEET: प्रभावित परिवारों के लिए सहायता पर भी विचार
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार ने पेपर लीक प्रकरण के बाद प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के मुद्दे पर भी सकारात्मक रुख दिखाया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों के हितों की रक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और संबंधित पक्षों के बीच आगे भी संवाद जारी रहेगा।
NEET: पूरे मामले पर देशभर की नजर
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामला अब न्यायिक, राजनीतिक और प्रशासनिक तीनों स्तरों पर महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। एक ओर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर लाखों छात्रों की नजर है, वहीं दूसरी ओर सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और नए कानून की तैयारी में जुटी है। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही, जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और संसद में होने वाली चर्चा इस पूरे मामले की दिशा तय कर सकती है।



