प्रमोद श्रीवास्तव, विशेष संवाददाता
Sandipani Vidyalaya MP : मध्यप्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए मोहन सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से सरकार आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कारों का ऐसा मॉडल तैयार कर रही है, जहां विद्यार्थियों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ मूल्य आधारित शिक्षा भी मिले। नई शिक्षा नीति की भावना के अनुरूप इन विद्यालयों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से विकसित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर छात्र बेहतर शिक्षा, आधुनिक तकनीक और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत—तीनों का लाभ एक ही परिसर में प्राप्त कर सके।
Sandipani Vidyalaya MP : संस्कारों और नवाचारों को नया आयाम, ‘सांदीपनि विद्यालय’ बने शिक्षा की पहचान
नई शिक्षा नीति की सोच, गुरुकुल परंपरा का संस्कार और आधुनिक तकनीक को विस्तार देना है, मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालयों की यही नई पहचान है। ऐसे में मध्यप्रदेश में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और मूल्य-आधारित बनाने की दिशा में सांदीपनि विद्यालय नई पहचान बनकर उभर रहे हैं। राज्य सरकार इन्हें केवल स्कूल नहीं, बल्कि ऐसे शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित कर रही है जहां आधुनिक तकनीक, भारतीय संस्कृति और समग्र व्यक्तित्व विकास का समन्वय हो।
Sandipani Vidyalaya MP : नई शिक्षा नीति के अनुरूप समग्र शिक्षा का मॉडल, गुरुकुल परंपरा और आधुनिक शिक्षा का समन्वय
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण जनभागीदारी के उत्सव के रूप में हो और गुरु पूर्णिमा से पहले सभी तैयार विद्यालयों का लोकार्पण कर उन्हैं शुरू कर दिया जाए। इसी दिशा में आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पन्ना जिले के दौरे पर हैं, जहां वे गुनौर और पवई में शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के नवीन भवन निर्माण का लोकार्पण कर रहे हैं।
वर्तमान में मध्यप्रदेश में कुल 274 सांदीपनि विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से बड़ी संख्या में विद्यालयों के नए भवन तैयार हो चुके हैं और उन्हें चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जा रहा है।राज्य सरकार का लक्ष्य सांदीपनि विद्यालयों को उत्कृष्ट शिक्षा के मॉडल संस्थान के रूप में विकसित करना है।।
Sandipani Vidyalaya MP : शिक्षा की नई पहचान बन रहे सांदीपनि विद्यालय
• आधुनिक सुविधाओं के साथ संस्कारों का भी संगम ‘सांदीपनि विद्यालय’
• आधुनिक शिक्षा और भारतीय संस्कारों का अनूठा समन्वय।
• स्मार्ट क्लासरूम, आईसीटी लैब, STEAM लैब और डिजिटल लर्निंग की सुविधा।
• खेल, कला, संगीत और कौशल विकास पर विशेष फोकस।
• नैतिक शिक्षा, गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का समावेश।
• विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास की नई पहल।
• प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से विकसित हो रहे सांदीपनि विद्यालय।
• नई शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप विकसित हो रहे सांदीपनि विद्यालय
• भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा,गुरु-शिष्य परंपरा को आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ने का प्रयास।
• सरकारी विद्यालयों को निजी स्कूलों के समकक्ष आधुनिक सुविधाओं से सशक्त बनाने का प्रयास।
• शिक्षा के साथ संस्कार, तकनीक के साथ परंपरा, यही है सांदीपनि विद्यालयों की नई पहचान।
• गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा का नया मॉडल बन रहे सांदीपनि विद्यालय।
• आधुनिक स्मार्ट क्लास, विज्ञान एवं कंप्यूटर लैब, डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं।
• गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर।



