Pratapgarh Police Mobile Recovery आधुनिक तकनीक और मुस्तैद पुलिसिंग का एक शानदार उदाहरण पेश करते हुए उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़ पुलिस ने जनता का दिल जीत लिया है। पुलिस ने विभिन्न स्थानों से गुम और चोरी हुए 170 स्मार्टफोन को अथक प्रयासों के बाद बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिया है। बरामद किए गए इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 33.15 लाख रुपये आंकी गई है। महीनों बाद अपना कीमती फोन वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ देखी जा सकती थी।

Pratapgarh Police Mobile Recovery पुलिस लाइन में ससम्मान सौंपे गए स्मार्टफोन
मंगलवार को पुलिस लाइन स्थित साईं कॉम्प्लेक्स में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक (SP) दीपक भूकर और अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार भाटी ने खुद मौजूद रहकर मोबाइल स्वामियों को उनके फोन सुपुर्द किए। इस दौरान कई नामचीन कंपनियों जैसे वनप्लस, सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रियलमी और रेडमी के महंगे स्मार्टफोन उनके मालिकों को मिले, जिसके बाद जनता ने प्रतापगढ़ पुलिस की कार्यशैली की जमकर तारीफ की।
Pratapgarh Police Mobile Recovery CEIR पोर्टल और साइबर सेल की जुगलबंदी से मिली सफलता
इस बड़े रिकवरी अभियान को सफल बनाने में जिले की सर्विलांस टीम, साइबर सेल और स्थानीय थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से काम किया। पुलिस ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा संचालित CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का बेहतरीन इस्तेमाल किया। सर्विलांस टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार चौरसिया और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इन मोबाइलों को ट्रैक कर बरामद करने में सफलता हासिल की।
Pratapgarh Police Mobile Recovery एसपी दीपक भूकर की जनता से अपील: लापरवाही न बरतें
इस बेहद सफल अभियान के बाद पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने आम जनता को जागरूक करते हुए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
- तत्काल दर्ज कराएं शिकायत: मोबाइल खोने या चोरी होने पर बिना वक्त गंवाए नजदीकी थाने या सीईआईआर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
- सिम और बैंक खाते करें सुरक्षित: फोन गुम होते ही सबसे पहले अपना सिम कार्ड ब्लॉक कराएं ताकि आपके बैंक खातों या सोशल मीडिया का दुरुपयोग न हो सके।
- IMEI नंबर करें ब्लॉक: ‘संचार साथी’ ऐप या सीईआईआर पोर्टल के जरिए अपने फोन का आईएमईआई (IMEI) नंबर तुरंत ब्लॉक कर दें, जिससे कोई अन्य व्यक्ति उस हैंडसेट का इस्तेमाल न कर पाए।
प्रतापगढ़ पुलिस की इस त्वरित और तकनीकी रूप से सुदृढ़ कार्रवाई ने न केवल अपराधियों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि खाकी के प्रति आम जनता के भरोसे को और मजबूत किया है।
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