,

Haridwar Kumbh Mela: कुंभ क्षेत्र में 105 गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर लग सकती है रोक, सरकार कर रही मंथन

Haridwar Kumbh Mela

Edit by: Priyanshi Soni

Haridwar Kumbh Mela: उत्तराखंड सरकार हरिद्वार कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी धार्मिक स्थलों और गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार इस दिशा में कवायद शुरू हो चुकी है। हरिद्वार-ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र सहित पूरे कुंभ क्षेत्र को पवित्र सनातन नगरी घोषित किया जा सकता है।

Haridwar Kumbh Mela: 105 गंगा घाटों पर प्रतिबंध की संभावना

सूत्रों का कहना है कि कुंभ क्षेत्र में मौजूद कुल 105 गंगा घाटों और सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है। हर की पौड़ी और आसपास के घाटों का प्रबंधन करने वाली श्री गंगा सभा ने हाल ही में यह मांग उठाई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस विषय पर संकेत दिए हैं।

Haridwar Kumbh Mela: मुख्यमंत्री बोले- सभी पहलुओं का किया जा रहा अध्ययन

Haridwar Kumbh Mela

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हरिद्वार, मां गंगा और साधु-संतों का अत्यंत पूज्य स्थल है। यहां से उठी मांग पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की पवित्रता, धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं को सुरक्षित रखने के लिए पुराने कानूनों और अधिनियमों का भी अध्ययन किया जा रहा है।

Haridwar Kumbh Mela: श्री गंगा सभा की दलील

श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि जब कुंभ क्षेत्र सनातन हिंदुओं की आस्था के आधार पर घोषित किया गया है, तो इसे हिंदू क्षेत्र के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी धार्मिक स्थलों और गंगा घाटों पर गैर हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाए, ताकि श्रद्धालु अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा-अनुष्ठान कर सकें।

1916 के नियमों का हवाला

नितिन गौतम ने वर्ष 1916 में बने हरिद्वार नगरपालिका के नियमों का उल्लेख किया, जिनके तहत हर की पौड़ी के आसपास सात से आठ किलोमीटर क्षेत्र को गैर हिंदू प्रतिबंधित घोषित किया गया था। इस मांग को कई साधु-संतों का भी समर्थन मिल रहा है।

कांग्रेस का विरोध

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार के इस प्रस्ताव को गंगा-जमुनी तहजीब के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में वैसे भी मुख्य रूप से हिंदू श्रद्धालु ही आते हैं, इसलिए किसी तरह के प्रतिबंध की आवश्यकता नहीं है। उनका आरोप है कि यह कदम आगामी विधानसभा चुनावों से पहले वोटों के ध्रुवीकरण के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।

यह खबर भी पढ़ें: JNU slogan controversy: विवाद पर सियासी घमासान, मुख्यमंत्री फडणवीस ने दिया बयान, बोले– राष्ट्रविरोधी सोच को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

शादी के 5 महीने बाद अलग हुए Badshah और ईशा रिखी, पोस्ट शेयर कर किया ऐलान

Badshah: रैपर और सिंगर बादशाह की निजी जिंदगी को लेकर लंबे समय

SCO Summit में पीएम मोदी की जिनपिंग से मुलाकात, वीडियो आया सामने

SCO Summit: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO