किसानों का दिल्ली मार्च शुरू हो गया है, इस मौके पर पुलिस भी किसानों का सामना करने के लिए तैयार है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने किसानों पर आंसू गोले दागने शुरू कर दिए है। जिसकी वजह से कुछ किसान घायल भी हुए है, लेकिन किसान अपनी यात्रा पर अड़े हुए है। बताया जा रहा है कि शंभू बॉर्डर स्थिति तनावपूर्ण हो चुकी है। मीडिया से किसान नेता पंधेर ने कहा कि शनिवार को हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों द्वारा आंसूगैस के गोले दागे जाने के कारण उनके 16 किसान घायल हो गए है और एक किसान की सुनने की क्षमता चली गई है। बता दें कि किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानून गारंटी समेत विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से बातचीत करना चाहते है।
फोर्स और किसानों के जत्थे का आमने-सामने
किसानों का दिल्ली मार्च शुरू हो गया है। किसान 12 बजे शंभू बॉर्डर पर एकत्रित हो गए थे। इस दौरान पैरामिलिट्री फोर्स और किसानों का जत्था आमने-सामने है। पैरामिलिट्री फोर्स ने किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े हैं। जिसकी वजह से कुछ किसान घायल हो गए है। लेकिन स्थिति बेहद ही तनावपूर्ण बनी हुई है।
क्या हैं किसानों की मांग
किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए कानूनी गारंटी समेत विभिन्न मांगों को पूरा करने का दबाव बना रहे हैं। वे केंद्र पर अपने मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत शुरू करने का भी दबाव बना रहे हैं।
बॉर्डर पर अर्धसैनिक बलों की भारी संख्या में तैनाती
किसानों के आंदोलन के चलते पंजाब व हरिणायाा बॉर्डरों पर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती कर दी है। वहीं शंभू बॉर्डर पर स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है। शंभू बॉर्डर पर किसान और सैनिक आमने सामने बने हुए है। वहीं किसान भी अब रूकने को तैयार नहीं हो रहे है, जिसको लेकर पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
मीडिया को नहीं रोका गया है: पटियाला एसपी
खबर आई थी कि किसानों के आंदोलन में मीडिया को भी पुलिस ने रोका है लेकिन पटियाला के एसपी ने दावा किया है कि मीडिया को नहीं रोका गया है। हमारा ऐसा कोई इरादा नहीं है। लेकिन मीडिया को जानकारी देना ज़रूरी था। पिछली बार हमें पता चला था कि 3.4 मीडियाकर्मी घायल हो गए हैं। उससे बचने के लिए हमने मीडिया को जानकारी दीण्ण्ण् हम कोशिश करेंगे कि ऐसा न होए लेकिन अगर कोई घायल होता हैए तो उसे निकालने के लिए हमारे पास मेडिकल टीम है।
पंजाब सरकार पर भड़के किसान नेता
शंभू बॉर्डर पर किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहाए ष्हम कहते थे कि भगवंत मान सरकार केंद्र सरकार के साथ मिली हुई है। आज जिस तरह से मीडिया को रोका जा रहा हैए मुख्यमंत्री और अरविंद केजरीवाल को आगे आकर इस पर सफाई देनी चाहिए।





