Mohit Jain
नई दिल्ली में आज भारतीय न्यायपालिका के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन बनने जा रहा है। राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले समारोह में जस्टिस सूर्यकांत देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के रूप में शपथ लेंगे। इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें ब्राजील सहित सात देशों के मुख्य न्यायाधीश मौजूद रहेंगे। यह पहली बार है जब किसी CJI के शपथ समारोह में इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति दर्ज होगी।
शपथ समारोह में भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश और उनके परिजन भी शामिल होंगे। सुप्रीम कोर्ट के जज और वरिष्ठ अधिकारी भी इस आयोजन में मौजूद रहेंगे।

वर्तमान CJI बीआर गवई का कार्यकाल 23 नवंबर को समाप्त हो गया है। उनके बाद अब यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जस्टिस सूर्यकांत संभालेंगे। उनका कार्यकाल लगभग 14 महीने का होगा और वे 9 फरवरी 2027 को सेवानिवृत्त होंगे।
परिवार भी होगा शामिल, हिसार से पहुंचेगा पूरा कुनबा
जस्टिस सूर्यकांत का मूल परिवार हरियाणा के हिसार जिले के पेटवाड़ गांव में रहता है। उनके तीनों भाई—ऋषिकांत, शिवकांत और देवकांत—को भी कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण मिला है। परिवार दिल्ली पहुंच चुका है और हरियाणा भवन में ठहरा है।
सूर्यकांत की पत्नी सविता सूर्यकांत कॉलेज में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुई हैं। वे इंग्लिश की प्रोफेसर रही हैं। उनकी दो बेटियां मुग्धा और कनुप्रिया फिलहाल पढ़ाई कर रही हैं।
महत्वपूर्ण फैसलों के लिए याद रखे जाएंगे जस्टिस सूर्यकांत

- जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट की कई अहम संवैधानिक पीठों का हिस्सा रहे हैं। 1000 से अधिक फैसलों में उनकी भूमिका रही है। उनके प्रमुख फैसले इस प्रकार रहे:
- आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को बरकरार रखने वाली पीठ का हिस्सा।
- डेरा सच्चा सौदा से जुड़ी हिंसा के बाद सख्त कार्रवाई का आदेश देने वाली हाईकोर्ट की फुल बेंच में शामिल।
- राजद्रोह कानून (सेडिशन लॉ) को स्थगित रखने और नई FIR पर रोक का महत्वपूर्ण आदेश।
- बार एसोसिएशनों में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण का निर्देश।
- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे पर पुनर्विचार का रास्ता खोलने वाली सात जजों की बेंच में शामिल।
- पेगासस मामले की जांच के लिए पैनल गठित करने वाली बेंच का हिस्सा।
बिहार SIR मामले की सुनवाई भी की
जस्टिस सूर्यकांत बिहार के SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से जुड़े मामले की सुनवाई करने वाली पीठ में भी शामिल थे। उन्होंने चुनाव आयोग को निर्देश दिया था कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटाए गए 65 लाख नामों की जानकारी सार्वजनिक की जाए, ताकि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
आज का शपथ ग्रहण समारोह न्यायपालिका के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है और जस्टिस सूर्यकांत के नेतृत्व से न्यायिक प्रणाली में नई ऊर्जा और मजबूती की उम्मीद जताई जा रही है।





