by: vijay nandan
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में लाल किला कार ब्लास्ट को आतंकी घटना करार दिया गया। बैठक में इस घटना पर गहरा दुख जताया गया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। बैठक में केंद्र सरकार ने कहा कि यह हमला देश की शांति और एकता पर सीधा प्रहार है। मंत्रिमंडल ने जांच एजेंसियों को निर्देश दिया है कि वे दोषियों, सहयोगियों और साजिशकर्ताओं की जल्द पहचान कर कठोर कार्रवाई करें।
आतंकवाद पर फिर दोहराई ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
सरकार ने इस आतंकी घटना को “कायराना और निंदनीय” बताते हुए कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति पर कायम रहेगा। सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने और जांच को पूरी गंभीरता से अंजाम देने के आदेश दिए गए हैं।

अंतरराष्ट्रीय समर्थन के लिए भारत ने जताया आभार
कैबिनेट ने विभिन्न देशों की ओर से मिली एकजुटता और संवेदना के संदेशों की सराहना की। बैठक में कहा गया कि संकट की इस घड़ी में अंतरराष्ट्रीय समुदाय का समर्थन भारत के संकल्प और दृढ़ता को और मजबूत करता है।
दोषियों को मिलेगी सख्त सजा
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि धमाके में शामिल सभी आतंकियों और उनके समर्थकों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी रूप से कड़ी सजा दी जाएगी। राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा को सरकार ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

भूटान दौरे से लौटते ही एक्शन में पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी भूटान यात्रा से लौटने के बाद सीधे एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने धमाके में घायल लोगों से मुलाकात की। इसके बाद पीएम ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “दोषियों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।”
शाम को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक भी बुलाई, जिसमें जांच एजेंसियों से घटना की विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई।





