Mohit Jain
थिम्पू। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के दौरे पर भूटान पहुंचे हैं। यह उनकी 11 साल में चौथी भूटान यात्रा है। दौरे के दौरान वे भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक के साथ 1,020 मेगावॉट के पुनातसंगछू-2 हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे और भूटान को 1000 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी भूटान के चौथे राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह और ग्लोबल पीस प्रेयर फेस्टिवल में भी शामिल होंगे। यहां वे भगवान बुद्ध के भारत से लाए गए पवित्र अवशेषों के दर्शन करेंगे।
भारत-भूटान संबंधों में नई ऊर्जा
दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रेल, सड़क और विकास परियोजनाओं पर चर्चा होगी। भारत भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के लिए भी सहयोग देगा।
भूटान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी मिला था मोदी को
मार्च 2024 में भूटान ने पीएम मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान “ऑर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो” से नवाजा था।
रणनीतिक दृष्टि से अहम है भूटान
भूटान भारत के लिए चीन से बफर जोन का काम करता है। साथ ही, भारत को यहां से जलविद्युत परियोजनाओं में लाभ मिलता है।
रेल कनेक्टिविटी से बढ़ेगा व्यापार
दोनों देशों के बीच पहली रेल लाइनें असम के कोकराझार से गेलेफू और पश्चिम बंगाल के बनरहाट से सामत्से तक बिछाई जा रही हैं। ₹4,033 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से व्यापार और पर्यटन में वृद्धि होगी।





