ग्वालियर | मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया द्वारा हाल ही में लिए गए एक निर्णय को चार दिनों के भीतर ही पलट दिया गया। उन्होंने MPL (मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग) की गवर्निंग कमेटी में दो नए सदस्यों — ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बेटे रिपुदमन सिंह और सिंधिया परिवार के करीबी धीरज पाराशर — को शामिल किया था। इन नियुक्तियों पर उठे विवाद के बाद दोनों को हटा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही यह जानकारी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक पहुंची, उन्होंने तुरंत इस निर्णय को वापस लेने के निर्देश दिए। उनका मानना था कि इन नियुक्तियों पर सवाल उठना स्वाभाविक है, क्योंकि दोनों व्यक्तियों का क्रिकेट से सीधा जुड़ाव नहीं है। अब संग्राम सिंह कदम और विजय प्रकाश शर्मा (उर्फ बेटू) को एमपीएल गवर्निंग बॉडी में शामिल किया गया है।
विवाद की पृष्ठभूमि
24 अक्टूबर को जीडीसीए (ग्वालियर डिविजन क्रिकेट एसोसिएशन) के सचिव संजय आहूजा के हस्ताक्षर से दोनों की नियुक्ति का आदेश जारी किया गया था। जैसे ही यह जानकारी सामने आई, क्रिकेट जगत में सवाल उठने लगे कि जब रिपुदमन और धीरज जीडीसीए के सदस्य तक नहीं हैं, तो उन्हें एमपीएल की गवर्निंग बॉडी में शामिल कैसे किया गया। इन सवालों और आलोचनाओं के बाद, महज चार दिनों में ही यह निर्णय रद्द कर दिया गया। वर्तमान में एमपीएल के आयोजन की तैयारी ग्वालियर के शंकरपुर स्टेडियम में चल रही है, जहां नए सदस्यों के साथ समिति अब आगे की रूपरेखा तय करेगी।





