सुलतानपुर: शादी ब्याह का मौका हो, जन्मदिन हो या फिर कोई उत्सव, बैंज बाजा ढोल-नगाड़े बजाकर जश्न मनाने का रिवाज है। लेकिन आप ये जान कर चौंक जाएंगे कि शव यात्रा बैंड बाजा पर निकाली गई।
जी हां ये अनोखी खबर है, यूपी के सुल्तानपुर शहर की, यहां एक बेटे ने अपने पिता की मौत बाद उनकी शव यात्रा को बैंड बाजा बजा कर निकाली। दरअसल 80 साल के रामकिशोर मिश्रा का निधन हो गया था। शोक में डूबे बिना उनके बेटे श्रीराम ने अपने पिता की अंतिम यात्रा को जश्न में बदल दिया। इस अनोखे दृश्य को देखकर हर कोई हैरान रह गया। ढोल नगाड़े डीजे की धुन पर नाचते हुए लोगों ने शव यात्रा में नोट भी उड़ाए।
इतना ही नहीं जैसे ही ये अंतिम यात्रा श्मशान घाट पहुंची तो बेटे ने अपने दोस्तों और परिवार के साथ डीजे पर डांस भी किया। डांस करते हुए लोगों ने एक दूसरे पर नोट भी उड़ाए। जिससे शव यात्रा उत्सव में बदल गई।
इस मौके पर श्रीराम ने कहा कि रोने धोने से उनके पिता की आत्मा को तकलीफ होती, इसलिए उन्होंने ये तरीका अपनाया है। सुल्तानपुर में निकली ये शव यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। लोग कह रहे हैं कि इस बेटे की सोच बिलकुल अलग है। कुछ लोग इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं तो कुछ लोग अंतिम यात्रा की परंपरा को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।





