Isa Ahmad
Dolomite Mining: सक्ती जिले के ग्राम पंचायत झालरौदा में प्रस्तावित डोलोमाइट खदान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 17 जून को आयोजित होने वाली जनसुनवाई का ग्रामीणों और छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने विरोध करते हुए इसे रोकने की मांग की है। इस संबंध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।
Dolomite Mining: 17 जून को प्रस्तावित जनसुनवाई रोकने की मांग, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप।
ग्रामीणों और संगठन के प्रतिनिधियों का आरोप है कि जिस भूमि पर डोलोमाइट खदान खोलने की प्रक्रिया चल रही है, वह शासकीय भूमि है। उनका दावा है कि अधिकारियों की कथित मिलीभगत से शासकीय भूमि को निजी भूमि दर्शाकर खदान के लिए जनसुनवाई आयोजित की जा रही है। साथ ही, वर्ष 1954 के राजस्व अभिलेखों में कथित छेड़छाड़ कर नामांतरण किए जाने का गंभीर आरोप भी लगाया गया है।
Dolomite Mining: पर्यावरणीय नुकसान को लेकर जताई चिंता
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले से ही दो खदानें संचालित हैं और एक नई खदान शुरू होने से पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका आरोप है कि खदान संचालक अक्सर नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से कार्य करते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को धूल, प्रदूषण और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
Dolomite Mining: शासकीय भूमि को निजी बताकर खदान खोलने की तैयारी का दावा, पर्यावरण और ग्रामीणों की परेशानियों को लेकर जताई चिंता।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नई खदान शुरू होने से ग्रामीणों के दैनिक जीवन, स्वास्थ्य और आजीविका पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसलिए जनहित और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित जनसुनवाई को निरस्त करने की मांग की गई है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जनसुनवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।





