रिपोर्ट- केशरी नंदन तिवारी
Bhormadev Temple : कवर्धा। सावन माह के शुभारंभ से पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कवर्धा जिले के प्रसिद्ध ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर पहुंचकर भगवान भोरमदेव के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने अपनी धर्मपत्नी कौशिल्या साय के साथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा भी मौजूद रहीं। भोरमदेव मंदिर में 936 वर्षों बाद आयोजित किए जा रहे ऐतिहासिक महाचतुर शुद्धि सहस्त्र कलशम अनुष्ठान में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उनकी धर्मपत्नी और विधायक भावना बोहरा शामिल हुए।
Bhormadev Temple : वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ विशेष अनुष्ठान
केरल से पहुंचे विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराया। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही और पूरा वातावरण धार्मिक आस्था से सराबोर नजर आया।
मुख्यमंत्री ने भगवान भोरमदेव के दर्शन कर प्रदेश की जनता के कल्याण की कामना की। उन्होंने मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए इसे छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत बताया।

Bhormadev Temple : कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री ने कही ये बात
दर्शन-पूजन के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि कांवड़ियों के स्वागत के लिए हेलीकॉप्टर के माध्यम से पुष्पवर्षा कराई जाती है। सरकार श्रद्धालुओं की आस्था, सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
Bhormadev Temple : भोरमदेव मंदिर छत्तीसगढ़ की धार्मिक पहचान
मुख्यमंत्री ने भोरमदेव मंदिर को प्रदेश की आस्था का प्रमुख केंद्र बताते हुए कहा कि यह मंदिर छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, भाजपा पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री अपने निर्धारित कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।
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