Report: Somnath mishra
Restoration of Senior Citizen Railway Concession अपनी लंबित और जायज मांगों को लेकर सरकार के उदासीन रवैये से नाराज बुजुर्ग पेंशनभोगियों ने आंदोलन का एक बेहद अलग और कड़ा रास्ता अख्तियार किया है। शनिवार, 13 जून 2026 को ‘जबलपुर प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन’ और ‘विद्युत कर्मचारी यूनियन’ के संयुक्त बैनर तले संस्कारधानी जबलपुर के ग्वारीघाट स्थित उमाघाट पर पेंशनर्स द्वारा एक अनोखा ‘जल सत्याग्रह’ किया गया। अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनर्स नर्मदा नदी के ठंडे पानी के भीतर अर्धनग्न अवस्था में बैठ गए और शासन की नीतियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

Restoration of Senior Citizen Railway Concession “पेंशन अधिकार है, कोई दया नहीं”— माँ नर्मदा को साक्षी मानकर प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
नर्मदा की लहरों के बीच बैठे आंदोलनकारी बुजुर्गों के चेहरों पर आक्रोश और बेबसी साफ देखी जा सकती थी। प्रदर्शनकारियों ने पानी के भीतर से ही गगनभेदी नारे लगाते हुए कहा कि पेंशन उनका जीवनभर की सेवा का वैधानिक अधिकार है, सरकार की कोई दया या भीख नहीं; और इसका समय पर भुगतान करना शासन का संवैधानिक कर्तव्य है। आंदोलन के दौरान भावुक हुए पेंशनर्स ने माँ नर्मदा के चरणों में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम संबोधित एक आधिकारिक ज्ञापन अर्पित किया। उन्होंने गुहार लगाई कि इस जल सत्याग्रह के माध्यम से देश के मुखिया तक उनकी आवाज पहुंचे, ताकि इस उम्र में उन्हें सड़कों और नदियों में न बैठना पड़े।
Restoration of Senior Citizen Railway Concession राज्य पुनर्गठन अधिनियम की ‘धारा 49’ बनी सबसे बड़ी मुसीबत
जल सत्याग्रह का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के प्रांताध्यक्ष एच.पी. उरमलिया और संभागीय अध्यक्ष शेषमणि पांडे ने मीडिया को अपनी सबसे बड़ी तकनीकी और आर्थिक समस्या से अवगत कराया। पदाधिकारियों ने बताया:

“सन 2000 में हुए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बंटवारे के बाद लागू की गई ‘राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49’ आज पेंशनर्स के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन चुकी है। इस धारा के प्रावधानों के तहत किसी भी वित्तीय भुगतान के लिए दोनों राज्यों की आपसी सहमति अनिवार्य है। इसी तकनीकी पेंच और आपसी तालमेल की कमी का बहाना बनाकर दोनों राज्यों की सरकारें समय पर बुजुर्गों के महंगाई राहत (DA/DR) के आदेश जारी नहीं करती हैं, जिससे पेंशनर्स का आर्थिक शोषण हो रहा है।”
Restoration of Senior Citizen Railway Concession पेंशनर्स की मुख्य मांगें और उग्र आंदोलन की चेतावनी
सत्याग्रह के माध्यम से बिजली कर्मचारियों और विभिन्न विभागों के पेंशनर्स ने सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगें रखी हैं:
- धारा 49 की समाप्ति: पेंशनर्स को बंधक बनाने वाली राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 को तत्काल प्रभाव से विलोपित (हटाया) किया जाए।
- केंद्र के समान डीआर (DR): केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की तर्ज पर राज्य के पेंशनर्स को भी समान तिथि से महंगाई राहत का भुगतान हो।
- कैशलेस चिकित्सा: बुजुर्गों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें कैशलेस इलाज (आयुष्मान भारत योजना) के दायरे में शामिल किया जाए।
- रेलवे छूट की बहाली: कोरोना काल से बंद की गई वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को रेलवे टिकटों में मिलने वाली रियायतों को तुरंत बहाल किया जाए।
पदाधिकारियों ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि इस जल सत्याग्रह के बाद भी यदि सोई हुई सरकार की नींद नहीं खुली और इन मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो यह शांतिपूर्ण आंदोलन आने वाले दिनों में पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक उग्र जन-आंदोलन का रूप ले लेगा।
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