Khabar hatke: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में कम उम्र में ही लोग तनाव, खराब खान-पान और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे समय में ब्रिटेन की एडिथ हिल की कहानी लोगों का ध्यान खींच रही है। 1919 में जन्मीं एडिथ ने 106 साल की उम्र तक का सफर तय किया और अपनी लंबी जिंदगी के पीछे कुछ बेहद सरल आदतों को जिम्मेदार बताया।
एडिथ के मुताबिक उन्होंने जिंदगी को बहुत ज्यादा नियमों और पाबंदियों में नहीं बांधा। वह स्वतंत्र रहना पसंद करती थीं, अपनी पसंद की चीजें खाती थीं और दोस्तों व परिवार के साथ खुशियां मनाने के लिए समय निकालती थीं। खास तौर पर चॉकलेट खाना और पार्टी करना उनकी जिंदगी का हिस्सा रहा।
Khabar hatke: एडिथ हिल ने बताया लंबी उम्र का आसान फॉर्मूला
जब एडिथ से उनकी लंबी उम्र का राज पूछा गया तो उन्होंने किसी कठिन डाइट या बेहद सख्त दिनचर्या का जिक्र नहीं किया। उनका मानना रहा कि जिंदगी का आनंद लेना और खुद को सक्रिय रखना बेहद महत्वपूर्ण है।
उनकी बताई प्रमुख आदतों में स्वतंत्र रूप से जीवन जीना, चॉकलेट खाना और समय-समय पर जश्न मनाना शामिल है। एडिथ का कहना है कि इन छोटी-छोटी चीजों ने उनकी जिंदगी को खुशहाल बनाए रखने में भूमिका निभाई।
Khabar hatke: 106 साल की उम्र में भी स्वतंत्र जीवन
एडिथ की जिंदगी की एक खास बात उनकी आत्मनिर्भरता रही है। वह लंबे समय तक अपनी रोजमर्रा की कई जिम्मेदारियां खुद संभालती रहीं। उनके अनुसार स्वतंत्र रहने की आदत ने उन्हें मानसिक रूप से सक्रिय बनाए रखने में मदद की।
बढ़ती उम्र में शारीरिक सक्रियता के साथ मानसिक रूप से व्यस्त रहना भी महत्वपूर्ण माना जाता है। एडिथ की जीवनशैली में यह बात लंबे समय तक दिखाई देती रही। वह अपनी जिंदगी को केवल उम्र के आंकड़े के रूप में नहीं देखतीं, बल्कि हर दिन को जीने पर जोर देती हैं।
Khabar hatke: चॉकलेट खाने को भी मानती हैं अपनी जिंदगी का हिस्सा
एडिथ हिल ने अपनी लंबी उम्र की कहानी बताते हुए चॉकलेट का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि उन्होंने जिंदगी भर चॉकलेट का आनंद लिया। यह बात खास तौर पर इसलिए दिलचस्प है क्योंकि आज लंबी उम्र के लिए लोग अक्सर कई तरह की सख्त डाइट और खान-पान के नियम अपनाते हैं।
हालांकि, एडिथ की कहानी को चॉकलेट खाने की वैज्ञानिक सलाह के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत अनुभव हर इंसान पर लागू हो, यह जरूरी नहीं है। चॉकलेट की मात्रा और उसका प्रकार भी स्वास्थ्य पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकता है।
Khabar hatke: पार्टी और खुशियों को भी दिया खास महत्व
एडिथ के अनुसार जिंदगी में जश्न के लिए समय निकालना भी जरूरी है। उन्होंने अपने जीवन में पार्टी और सामाजिक मेलजोल को जगह दी। उनके लिए खुशियों के पलों को दोस्तों और करीबियों के साथ साझा करना जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
तनावपूर्ण जिंदगी में लोगों के पास अक्सर काम और जिम्मेदारियों के बीच खुद के लिए समय नहीं बचता। ऐसे में एडिथ का संदेश है कि जिंदगी में मनोरंजन और खुशी के लिए भी जगह होनी चाहिए।
Khabar hatke: एडिथ ने देखे इतिहास के कई बड़े दौर
1919 में जन्म लेने वाली एडिथ हिल ने दुनिया में हुए कई बड़े बदलावों को अपने जीवनकाल में देखा। उन्होंने दोनों विश्व युद्धों का दौर देखा और इसके बाद समाज, तकनीक और जीवनशैली में आए बड़े परिवर्तन भी देखे।
एक सदी से ज्यादा लंबे जीवन में दुनिया काफी बदल गई, लेकिन एडिथ का जोर जीवन के प्रति सकारात्मक रवैया बनाए रखने पर रहा। उनकी कहानी यह बताती है कि उम्र बढ़ने के साथ जीवन में रुचि और सक्रियता बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।
Khabar hatke: खुशी और सामाजिक जुड़ाव पर क्या कहता है विज्ञान
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सकारात्मक सामाजिक संबंध, मानसिक स्वास्थ्य और तनाव का बेहतर प्रबंधन समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। परिवार, दोस्तों और समाज के साथ जुड़ाव व्यक्ति को भावनात्मक सहारा दे सकता है और अकेलेपन को कम करने में मदद कर सकता है।
इसी तरह तनाव को नियंत्रित रखना भी स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। हालांकि, किसी व्यक्ति की लंबी उम्र केवल एक या दो आदतों से तय नहीं होती। आनुवंशिकता, खान-पान, शारीरिक गतिविधि, नींद, चिकित्सा सुविधाएं और जीवनशैली समेत कई कारक इसमें भूमिका निभाते हैं।
Khabar hatke: एडिथ की कहानी से क्या सीख सकते हैं
एडिथ हिल की जिंदगी का संदेश सख्त नियमों के बजाय संतुलन और खुश रहने के आसपास दिखाई देता है। उनका अनुभव बताता है कि अपनी पसंद की चीजों के लिए समय निकालना, सामाजिक रूप से जुड़े रहना और जहां तक संभव हो स्वतंत्र जीवन जीना जिंदगी को बेहतर बना सकता है।
हालांकि, एडिथ की व्यक्तिगत आदतों को लंबी उम्र का प्रमाणित नुस्खा मानना सही नहीं होगा। चॉकलेट या किसी अन्य पसंदीदा खाद्य पदार्थ का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देना जरूरी है।
एडिथ की कहानी की खासियत यही है कि उन्होंने उम्र को जीवन का आनंद लेने में बाधा नहीं बनने दिया। उनकी सोच में जिंदगी को पूरी तरह जीना, खुशियों के लिए समय निकालना और अपनी क्षमता के अनुसार आत्मनिर्भर बने रहना सबसे अहम नजर आता है।




