कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म की 11 जुलाई को तय रिलीज से एक दिन पहले ही रोक लगाने का आदेश दे दिया। यह आदेश फिल्म के सेंसर बोर्ड सर्टिफिकेट के खिलाफ दायर रिव्यू पिटिशन पर दिया गया है। इस फैसले ने फिल्म मेकर्स के साथ दर्शकों को भी हैरान कर दिया है, जो इस संवेदनशील मुद्दे पर आधारित फिल्म का इंतजार कर रहे थे।
क्या है ‘उदयपुर फाइल्स’?
‘उदयपुर फाइल्स‘ एक सच्ची घटना पर आधारित फिल्म है, जो 2022 में राजस्थान के उदयपुर में हुई कन्हैयालाल टेलर की नृशंस हत्या को दर्शाती है। 28 जून 2022 को दो इस्लामिक कट्टरपंथियों ने खुलेआम कन्हैयालाल की हत्या कर दी थी, जिससे पूरे राज्य में उबाल आ गया था। इस गंभीर घटना को फिल्म के जरिए बड़े पर्दे पर दिखाने की कोशिश की गई थी।
हाईकोर्ट ने क्यों लगाई रोक?
- फिल्म के सर्टिफिकेट को चुनौती दी गई थी।
- जमात उलेमा-ए-हिंद और अन्य इस्लामी संगठनों ने कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की थी।
- याचिकाकर्ताओं का कहना था कि फिल्म की रिलीज से सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता है।
- केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय तक कोर्ट ने फिल्म की स्क्रीनिंग पर अंतरिम रोक लगाई है।
फिल्म की कास्ट और मेकिंग टीम
- विजय राज ने कन्हैयालाल का किरदार निभाया है।
- साथ में प्रीति और मुश्ताक खान भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
- निर्देशन: भारत एस. श्रीनेट और जयंत सिन्हा
- लेखन: अमित जानी, भरत सिंह और जयंत सिन्हा
- फिल्म का ट्रेलर हाल ही में रिलीज हुआ था, जिसमें हिंसा और कट्टरपंथ की झलक दिखाई गई थी।
फिल्म पर विवाद और विरोध
फिल्म के ट्रेलर रिलीज के बाद से ही विरोध सामने आना शुरू हो गया था:
- मौलाना अर्शद मदनी ने खुलकर फिल्म का विरोध किया।
- कई धार्मिक संगठनों ने फिल्म को सांप्रदायिक भावनाएं भड़काने वाला बताया।
- इसके खिलाफ कोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गईं, जिस पर हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए रिलीज से ठीक एक दिन पहले फिल्म पर रोक लगा दी।
आगे क्या?
‘उदयपुर फाइल्स‘ का भविष्य अब केंद्र सरकार के फैसले पर टिका है।
जब तक केंद्र सरकार इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं लेती, तब तक फिल्म की रिलीज या स्क्रीनिंग संभव नहीं है।
फिल्म को लेकर जहां एक तरफ दर्शकों में उत्सुकता थी, वहीं दूसरी ओर सामाजिक तनाव की आशंका ने इसे कानूनी विवादों में घेर लिया है।





