रिपोर्ट: विष्णु गौतम
दुर्ग, 28 मई — दुर्ग नगर निगम में कार्यरत सफाई कर्मचारियों का आक्रोश मंगलवार को उस समय सड़कों पर फूट पड़ा जब उन्होंने दो महीने से वेतन न मिलने के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। नगर निगम के मुख्य गेट के सामने सैकड़ों की संख्या में सफाई कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए नगर निगम प्रशासन और सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
काम बंद कर निगम का घेराव
नाराज सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल का ऐलान करते हुए नगर निगम परिसर का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दो महीने से वेतन नहीं मिला, और जिन कुछ कर्मचारियों को वेतन मिला भी है, उसमें अनुचित कटौती की गई है। इससे घरेलू खर्च और जीवन यापन में उन्हें भारी परेशानी हो रही है।
कर्मचारियों ने यह भी साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उनका कहना है कि वे मणिकंचन केंद्र में काम नहीं करना चाहते और उन्हें पूर्व की तरह सीधे नगर निगम से भुगतान किया जाए।
सरकार पर आरोप
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने सरकार और निगम प्रशासन पर समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों का जल्द निपटारा नहीं किया गया तो वे हर दिन इसी तरह निगम गेट पर प्रदर्शन करते रहेंगे।
महापौर का बयान
वहीं दूसरी ओर, दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार ने कर्मचारियों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी कर्मचारी का वेतन बकाया नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि मणिकंचन केंद्र, केंद्र सरकार की एक योजना है, जिसे लागू किया जा रहा है और इसी के तहत कर्मचारियों को शामिल किया गया है।
महापौर का कहना है कि कर्मचारी इस योजना का विरोध कर रहे हैं और संवाद के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का समाधान संवाद से ही संभव है, और कर्मचारियों से सहयोग की अपील की।





