Report: Ravi kumar
Etawah दिल्ली और नोएडा से अपने घर कोलकाता (पश्चिम बंगाल) जाने का सपना लेकर निकले 70 मजदूरों के लिए नेशनल हाईवे-19 उस समय दुस्वप्न बन गया, जब एक बेखौफ बस चालक उन्हें बीच रास्ते में लावारिस छोड़कर फरार हो गया। शेरपुर कोठी के पास दो दिनों तक महिलाएं और छोटे बच्चे भूख-प्यास से बिलखते रहे, लेकिन पत्थरदिल चालक वापस नहीं लौटा।

Etawah मजदूरों ने चंदा जोड़कर ठीक कराया था टायर, फिर भी मिला धोखा
इन मजदूरों ने बड़ी मुश्किल से पाई-पाई जोड़कर ₹1.90 लाख में एक डबल डेकर बस बुक की थी। सफर के दौरान जब बस का टायर फटा, तो गरीब मजदूरों ने अपनी जेब से चंदा इकट्ठा कर उसे ठीक भी कराया ताकि वे घर पहुँच सकें। लेकिन बकेवर पहुँचते ही बस चालक ने चालाकी दिखाई और बस खड़ी कर रफूचक्कर हो गया। दो दिनों तक ये मजदूर इस उम्मीद में सड़क किनारे बैठे रहे कि शायद कोई मदद आएगी।

Etawah पुलिस बनी मददगार: थाना प्रभारी ने खुद संभाला मोर्चा
जब इस अमानवीय घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को मिली, तो थाना प्रभारी विपिन कुमार तुरंत बल के साथ मौके पर पहुँचे। मजदूरों की दयनीय स्थिति देख पुलिस ने तत्परता दिखाई। पुलिस टीम ने न केवल इन बेबस लोगों के खाने-पीने का प्रबंध किया, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सभी 70 मजदूरों के लिए दूसरे वाहन की व्यवस्था कर उन्हें उनके गंतव्य (पश्चिम बंगाल) की ओर रवाना किया।

Etawah डग्गामार बसों का खौफनाक चेहरा
यह घटना हाईवे पर दौड़ रही अवैध ‘डग्गामार’ डबल डेकर बसों की कार्यप्रणाली और मजदूरों की असुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ज्यादा मुनाफे के चक्कर में ये बस संचालक यात्रियों की जान और माल के साथ खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार बस चालक की तलाश जारी है।





