by: vijay nandan
Nari Shakti Vandan : भोपाल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन विधेयक पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस और डीएमके पर तीखा हमला बोला। भाजपा कार्यालय, भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने विपक्ष की रणनीति को “अलगाववादी मानसिकता” करार दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में विपक्षी दलों द्वारा “नारी शक्ति वंदन विधेयक” के खिलाफ अपनाया गया रवैया लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला है। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस (Indian National Congress) और ( Dravida Munnetra Kazhagam) डीएमके पर निशाना साधते हुए उनके रुख को चिंताजनक बताया।

Nari Shakti Vandan : जनता देगी जवाब
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि देश की जनता विपक्ष के इस रवैये को देख रही है और समय आने पर इसका जवाब भी देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब जनता की अदालत में पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है और देश की महिलाएं उन्हें माफ नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा महिलाओं के अधिकारों और उनके सपनों के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
Nari Shakti Vandan : लोकसभा में फिर अटका महिला आरक्षण बिल
आपको बता दें कि 17 अप्रैल 2026 को Lok Sabha में “नारी शक्ति वंदन विधेयक” (महिला आरक्षण बिल) को लेकर एक बार फिर राजनीतिक टकराव देखने को मिला। केंद्र की Bharatiya Janata Party सरकार इस बिल पर आगे बढ़ना चाहती थी, लेकिन विपक्षी दलों ने इसकी प्रक्रिया और प्रावधानों को लेकर आपत्ति जताई।
विपक्ष, खासकर Indian National Congress और Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) ने मांग उठाई कि महिला आरक्षण के भीतर ओबीसी और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग कोटा सुनिश्चित किया जाए। इसके अलावा, कुछ दलों ने परिसीमन (Delimitation) और जनगणना के बाद ही इस बिल को लागू करने की शर्तों पर भी सवाल खड़े किए।
इन मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण सदन में तीखी बहस और हंगामा हुआ, जिससे विधायी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। परिणामस्वरूप, 17 अप्रैल की कार्यवाही के दौरान यह बिल पारित नहीं हो सका और एक बार फिर राजनीतिक गतिरोध का शिकार बन गया।
इस घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि महिला आरक्षण जैसे व्यापक समर्थन वाले मुद्दे पर भी राजनीतिक दलों के बीच मतभेद अब भी गहरे हैं, जिससे इस महत्वपूर्ण सुधार की राह जटिल बनी हुई है।

