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Shri Rajendra Das ji Maharaj : धरती का चलता फिरता कल्प वृक्ष है गौमाता: जगदगुरू श्री राजेन्द्रदास महाराज

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Shri Rajendra Das ji Maharaj : महाराज जी के प्रवचनों से क्षेत्र में गौसेवा की भावना होगी सुदृढ़ : डिप्टी सीएम शुक्ल

बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में श्री रेवासा धाम एवं श्री वृंदावन धाम के पावन सानिध्य में मलूक पीठाधीश्वर श्री राजेंद्रदास जी महाराज द्वारा आयोजित गौकथा एवं गौ आधारित प्राकृतिक खेती विषयक दिव्य कथा का आज द्वितीय दिवस अत्यंत भावपूर्ण वातावरण में हुआ। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि महाराज जी के प्रवचनों से क्षेत्र में गौसेवा की भावना निश्चित रूप से सुदृढ़ होगी। गौमाता के आशीर्वाद से यह क्षेत्र धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टि से समृद्धि की ओर अग्रसर होगा। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में चल रही दिव्य कथा का देश के नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने भी श्रवण किया। उन्होंने महाराज श्री से आशीर्वाद प्राप्त किया।

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Shri Rajendra Das ji Maharaj : गौ सेवा सच्ची समृद्धि का आधार है

जगदगुरू श्री राजेंद्रदास जी महाराज ने कहा कि वर्तमान समय में समाज की दुर्दशा का मूल कारण गौवंश की उपेक्षा है। उन्होंने कहा कि भौतिक संपत्ति असुरों के पास भी थी, किंतु वह आसुरी संपत्ति थी, दैवीय संपत्ति नहीं। आसुरी संपत्ति मनुष्य को संसार के मोहजाल में फँसाती है, जबकि दैवीय संपत्ति उसे मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर करती है।

महाराज जी ने गौ सेवा को सच्ची समृद्धि का आधार बताते हुए कहा कि गौ माता की सेवा से बुद्धि निर्मल होती है, जीवन में सुख-शांति आती है और व्यक्ति के समस्त अशुभ कर्म सहज ही क्षीण हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धरती का कल्याण गौ संरक्षण से ही संभव है तथा गौ आधारित प्राकृतिक खेती ही आने वाले समय का सतत और सात्विक समाधान है। गौमाता धरती का चलता फिरता कल्पवृक्ष है जो सबकी कामनाओं की पूर्ति करती हैं।

Shri Rajendra Das ji Maharaj : एक गाय पालने वाला भी इंद्र के समान सौभाग्यशाली माना गया

श्री राजेंद्रदास जी महाराज ने कहा कि ऋग्वेद में वर्णित है जिस मनुष्य के पास कम से कम एक भी गौ होती है, वह धरती पर इंद्र के समान सौभाग्यशाली माना गया है। बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में हजारों गायों का संरक्षण हो रहा है जिससे इसकी कीर्ति बढ़ रही है। रीवा जिले के ही हिनौती गौधाम में 25 हजार गायों के संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है। यह गौधाम मध्यप्रदेश का प्रथम गौधाम होगा और मेरा सौभाग्य होगा कि मैं वहां गौमाता की कीर्ति यश का बखान कर सकूं।

उन्होंने कहा कि गाय के दर्शन से राधा-कृष्ण का एक साथ दर्शन होता है। गाय संपूर्ण ब्रह्मांड की शक्ति का पोषण करती हैं। महाराज श्री ने कहा कि देवी भागवत में कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को सुरभि माता के प्राकट की कथा है। आज के परिवेश में मनुष्यता खो गई है। मनुष्य के क्षमा, दया, करूणा एवं सेवा आदि के पवित्र गुण विलुप्त हो गये हैं। आदर पूर्वक गौमाता के संरक्षण, संवर्धन व सेवा से ही मानवता आयेगी।

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Shri Rajendra Das ji Maharaj : बसामन मामा गौवंश विहार में 9 हजार से अधिक गौवंश संरक्षित

महाराज श्री ने कहा कि बसामन मामा गौवंश वन्य विहार में 9 हजार से अधिक गौवंश संरक्षित किये गये हैं जो सुखपूर्वक निवास करते हैं और पास के जंगल में विचरण करते हैं। उनकी गौशाला में पूरे मनोभाव से सेवा की जाती है। गौवंश वन्य विहार में प्राकृतिक खेती का कार्य किसानों के लिए प्रेरणादायी होगा। शुद्ध, सात्विक, कीटाणु रहित आहार प्राकृतिक खेती से ही प्राप्त हो सकता है। यह क्षेत्र गौसेवा से अपनी दिव्यता को प्रकट कर रहा है। उन्होंने गौसेवा में लगे सेवकों को इस पुनीत कार्य के लिए साधुवाद दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही और वातावरण गौमय भक्ति, सेवा एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।

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