इंदौर के स्कीम नंबर 114 क्षेत्र के रहने वाले अभिषेक भार्गव के साथ एक सुनियोजित तरीके से 8.80 लाख रुपए की ठगी की गई। पीड़ित को शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर बड़े मुनाफे का झांसा दिया गया। अब क्राइम ब्रांच ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कैसे हुआ फ्रॉड?
टेलीग्राम ग्रुप से मिली “झूठी उम्मीद”
- मई 2024 में अभिषेक को दो टेलीग्राम ग्रुप्स में जोड़ा गया:
- फर्जी आनंद राठी ब्रोकर्स
- एडवेंट बिजनेस स्कूल
- इन ग्रुप्स में खुद को आनंद राठी ग्रुप का हिस्सा बताया गया।
- उन्हें एक मोबाइल एप — “AIAM TOP” — पर खाता खुलवाने के लिए कहा गया और शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराने का झांसा दिया गया।
SEBI का फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर
- आरोपियों ने खुद को SEBI द्वारा अधिकृत ब्रोकर्स बताया।
- एक नकली रजिस्ट्रेशन नंबर भी दिया गया जिससे पीड़ित को भरोसा हो गया।
- 21 से 30 मई 2024 के बीच 8 लाख 80 हजार रुपए अलग-अलग बैंक खातों में डलवाए गए।
क्या हुआ पैसे देने के बाद?
- निवेश के बदले में कोई प्रॉफिट नहीं दिया गया।
- कुछ दिन संपर्क में रहने के बाद आरोपियों ने अभिषेक को टेलीग्राम ग्रुप से हटा दिया।
- फिर उन्होंने कॉल उठाने भी बंद कर दिए।
अब पुलिस क्या कर रही है?
- जुलाई 2025 में अभिषेक ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई।
- पुलिस ने उपलब्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर केस दर्ज किया है।
- अभी आरोपियों की पहचान नहीं हुई है, लेकिन गिरोह की तलाश तेज़ कर दी गई है।
प्राथमिक जांच में क्या सामने आया?
- यह एक संगठित ऑनलाइन फ्रॉड गैंग है जो नकली एप्स और ग्रुप्स के जरिए लोगों को ठग रहा है।
- AI आधारित फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके आम लोगों को मुनाफे का लालच देकर ठगा जा रहा है।
सतर्क रहें: निवेश से पहले करें ये काम
- किसी भी ब्रोकिंग एजेंसी की SEBI रजिस्ट्री आधिकारिक वेबसाइट पर चेक करें।
- अनजान टेलीग्राम या व्हाट्सएप ग्रुप्स से दूरी बनाकर रखें।
- निवेश से पहले किसी विश्वसनीय फाइनेंशियल सलाहकार से बात करें।
- बिना जांचे-परखे किसी एप या लिंक पर पैसे ना भेजें।
शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। यह घटना एक चेतावनी है कि निवेश से पहले पूरी सावधानी और जांच बेहद जरूरी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द आरोपियों को पकड़ने की उम्मीद है।





