मध्यप्रदेश के सतना जिले में प्रशासन ने उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाते हुए एक पेट्रोल पंप को सील कर दिया। जांच में खुलासा हुआ कि पंप के अधिकांश नोजल से तय मात्रा से कम डीजल-पेट्रोल दिया जा रहा था।
क्या है पूरा मामला?
सिविल लाइन चौक स्थित गुरूनानक फ्यूल सर्विस स्टेशन पर प्रशासन ने मंगलवार रात छापेमारी की। एसडीएम सिटी राहुल सिलाडिया के नेतृत्व में गठित एक विशेष जांच दल ने पेट्रोल पंप का निरीक्षण किया, जो करीब चार घंटे चला।
जांच में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पंप के 8 नोजल में से 6 नोजल निर्धारित मात्रा से कम ईंधन दे रहे थे, जो उपभोक्ता के हितों के साथ सीधा धोखा है।
जांच टीम में कौन-कौन शामिल था?
प्रशासन की इस विशेष कार्रवाई में निम्न अधिकारी शामिल थे:
- डीएसओ सम्यक जैन
- कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी भागवत द्विवेदी
- नाप-तौल निरीक्षक दीपक गौड़
- सेल्स ऑफिसर नकुल दीक्षित
- बृजेश पांडेय, अन्य सदस्य
चार अहम पैरामीटर पर हुई जांच
एसडीएम ने बताया कि निरीक्षण चार मुख्य मापदंडों पर किया गया:
- डेंसिटी माप
- टैंक में पानी की जांच (वाटर पेस्ट टेस्ट)
- डिलीवरी रीडिंग का सत्यापन
- स्टॉक का मिलान
इन सभी टेस्ट में सिर्फ दो नोजल ही मानकों पर खरे उतरे, जबकि बाकी छह नोजल में भारी गड़बड़ी मिली।
क्या कार्रवाई हुई?
- 6 दोषपूर्ण नोजल को सील किया गया।
- पेट्रोल और डीजल की वितरण पर अस्थायी रोक लगा दी गई।
- प्रारंभिक रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेजी गई है, जिससे आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।
प्रशासन ने क्या अपील की?
एसडीएम राहुल सिलाडिया ने नागरिकों से आग्रह किया है कि:
“यदि किसी भी फ्यूल स्टेशन पर माप-तौल या गुणवत्ता में संदेह हो, तो तत्काल प्रशासन को सूचना दें।”
इस अपील के साथ ही प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उपभोक्ताओं के अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण और पारदर्शिता के लिए एक बड़ा संदेश है। सतना प्रशासन की यह सक्रियता बाकी पेट्रोल पंप संचालकों के लिए चेतावनी साबित हो सकती है। यदि आप भी किसी पेट्रोल पंप पर धोखाधड़ी या गड़बड़ी के गवाह बनते हैं, तो तुरंत शिकायत दर्ज करें





