काफी वक्त तक चले कयासों पर विराम लग चुका है। सिडनी टेस्ट में हुए टॉस ने सारी स्थिति साफ कर दी जब जसप्रीत बुमराह ब्लेजर पहनकर भारत की तरफ से टॉस कराने पहुंचे। यानी कप्तान रोहित शर्मा ने खुद को ड्रॉप कर दिया, वह पांचवां टेस्ट नहीं खेल रहे। उनकी जगह शुभमन गिल को मौका दिया गया है।
रोहित का खुद को ड्रॉप करना टीम इंडिया को कितना फायदा पहुंचाएगा; यह तो टेस्ट मैच खत्म होने के बाद ही पता चलेगा, लेकिन क्रिकेट इतिहास में ऐसा कई बार देखने को मिल चुका है, जब कप्तान ने बीच सीरीज या टूर्नामेंट में खुद को ड्रॉप कर लिया हो। यह प्लानिंग ज़्यादातर फायदेमंद साबित हुई है।
2014 में श्रीलंका ने कप्तान दिनेश चांदीमल को ड्रॉप करने के बाद टी-20 वर्ल्ड कप ही जीत लिया था। उसी साल महेंद्र सिंह धोनी ने ऑस्ट्रेलिया में तीसरे मैच के बाद टेस्ट से संन्यास ले लिया था। उनकी जगह विराट कोहली टेस्ट कप्तान बने, जो टीम के बेस्ट टेस्ट कप्तान साबित हुए।





