Bhupesh Baghel : कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद मीडिया से बोले भूपेश बघेल
Bhupesh Baghel : छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भिलाई-3 स्थित अपने निवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला और शिक्षा, कृषि तथा युवाओं से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार को घेरा।

Bhupesh Baghel : NEET परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार ने NEET परीक्षा की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त करने का फैसला लिया है। उनके अनुसार यह निर्णय इस बात का संकेत है कि सरकार अप्रत्यक्ष रूप से अपनी गलती स्वीकार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में हुई गड़बड़ियों से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। इसी कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
Bhupesh Baghel : स्कूलों की तैयारियों पर उठाए सवाल
16 जून से स्कूल खुलने को लेकर बघेल ने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में अब तक पेयजल, शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो सकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई स्कूल भवनों का मरम्मत कार्य भी अधूरा है, जिससे विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
Bhupesh Baghel : राजगीत को लेकर सरकार पर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को स्थान दिया गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ के राजगीत को शामिल नहीं किया गया। उन्होंने इसे राज्य की सांस्कृतिक पहचान की अनदेखी बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक कारणों से प्रदेश की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा कर रही है।
Bhupesh Baghel : डी.एड. प्रशिक्षित छात्रों की मांगों का करें समाधान
डी.एड. प्रशिक्षित छात्रों के आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार को आंदोलनरत युवाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ अनावश्यक खिलवाड़ उचित नहीं है और सरकार के पास इसका समाधान मौजूद है।
Bhupesh Baghel : खाद-बीज संकट और प्राकृतिक खेती पर सरकार को घेरा
किसानों के लिए खाद और बीज की कमी का मुद्दा उठाते हुए बघेल ने कहा कि आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता नहीं होने से किसान परेशान हैं। उन्होंने घोषणा की कि इस समस्या को लेकर वे अपने क्षेत्र से पदयात्रा शुरू करेंगे। प्राकृतिक खेती पर उन्होंने कहा कि केवल जैविक घोल का छिड़काव करने से प्राकृतिक खेती सफल नहीं हो सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्राकृतिक खेती का प्रचार तो कर रही है, लेकिन कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी गोठान योजना को बंद कर दिया गया। उनके अनुसार किसानों को पर्याप्त संसाधन और सुविधाएं दिए बिना कृषि क्षेत्र का विकास संभव नहीं है।
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