MP Forest Tourism : होम स्टे से जनजातियों की बढ़ाएं आय,ग्रामीण,जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूती
MP Forest Tourism : मध्यप्रदेश अपनी समृद्ध जैव विविधता, घने जंगलों और राष्ट्रीय उद्यानों के कारण वन एवं वाइल्डलाइफ पर्यटन का बड़ा केंद्र बनने की क्षमता रखता है। कूनो, कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और सतपुड़ा जैसे क्षेत्र देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। ऐसे में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए सरकार होमस्टे को प्रोत्साहित कर रही है। वन पर्यटन मध्यप्रदेश के लिए सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि रोजगार, जनजातीय आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा अवसर है। वन पर्यटन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार से जोड़ने के लिए वनांचल क्षेत्रों में होम स्टे को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। पर्यटन और वन विभाग के बेहतर समन्वय से स्थानीय परिवार सीधे पर्यटन गतिविधियों से जुड़ सकते हैं और उनकी आय बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में संचालित होमस्टे को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को पर्यटन से सीधे जोड़ने में मदद मिलेगी।
MP Forest Tourism : उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन पर्यटन के विकास की योजनाओं में स्थानीय समुदायों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि वन पर्यटन का लाभ केवल पर्यटकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जंगलों के बीच और आसपास रहने वाले वनवासियों एवं जनजातीय परिवारों की समृद्धि का माध्यम भी बनना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों के विस्तार में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इससे एक ओर पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण एवं जनजातीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकास और संरक्षण के बीच बराबर संतुलन बनाए रखते हुए वन सम्पदा की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।।।।।।

