रिपोर्ट – प्रेमपाल सिंह
Shikohabad Electricity Worker Accident शिकोहाबाद नगर के माधोगंज क्षेत्र में बिजली विभाग की एक गंभीर और जानलेवा लापरवाही का मामला सामने आया है। यहाँ ज्ञान ज्योति पब्लिक स्कूल के समीप एक विद्युत पोल पर मरम्मत कार्य कर रहा संविदा कर्मी अचानक आए हाई-वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना जोरदार था कि कर्मचारी पोल से सीधे नीचे आ गिरा और गंभीर रूप से झुलस गया। इस हादसे के बाद इलाके में हड़कंप और अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय नागरिकों की मदद से घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
Shikohabad Electricity Worker Accident ‘शटडाउन’ के बाद भी लाइन में आया करंट, नीचे गिरने से आई गंभीर चोटें
Shikohabad Electricity Worker Accident प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, विद्युत पोल पर तकनीकी खराबी को दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी ने नियमानुसार सब-स्टेशन से पूरी लाइन का ‘शटडाउन’ (बिजली आपूर्ति बंद करने का आधिकारिक संदेश) लिया था। पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही वह खंभे पर चढ़ा था। लेकिन जैसे ही उसने तारों को छुआ, अचानक बंद लाइन में तेज करंट दौड़ गया। करंट की चपेट में आते ही कर्मचारी बुरी तरह झुलस गया और संतुलन बिगड़ने के कारण पोल से सिर के बल नीचे गिर पड़ा, जिससे उसे अंदरूनी चोटें भी आई हैं।
Shikohabad Electricity Worker Accident लोगों ने दिखाई तत्परता, संयुक्त जिला अस्पताल में इलाज जारी
हादसा होते ही मौके पर मौजूद राहगीरों और मोहल्ले के लोगों ने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने बिना वक्त गंवाए बिजली विभाग को सूचित कर पूरी आपूर्ति बंद कराई और लहूलुहान कर्मचारी को आनन-फानन में शिकोहाबाद के संयुक्त जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड (Emergency) में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, कर्मचारी का शरीर करंट से झुलसा है और ऊंचाई से गिरने के कारण चोटें हैं, हालांकि समय पर इलाज मिलने से फिलहाल उसकी हालत स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।
Shikohabad Electricity Worker Accident जांच में जुटे बिजली विभाग के अफसर और जेई
घटना की भनक लगते ही विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी दल-बल के साथ पहले घटना स्थल और फिर जिला अस्पताल पहुंचे। विभागीय स्तर पर इस चूक को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। अधिकारी इस बात की तकनीकी जांच कर रहे हैं कि जब कर्मचारी के कहने पर शटडाउन ऑन-रिकॉर्ड दर्ज था, तो ग्रिड या सब-स्टेशन से फीडर को दोबारा चालू किसने किया, या फिर कहीं बैक-करंट (Back Feed) की वजह से तो यह हादसा नहीं हुआ। विभाग का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





