Report: Ratan kumar
Media Special Happiness Course Jamtara ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ जामताड़ा इकाई के तत्वावधान में कायस्थपाड़ा में आयोजित तीन दिवसीय ‘मीडिया स्पेशल हैप्पीनेस कोर्स’ का शनिवार, 13 जून 2026 को आध्यात्मिक और सकारात्मक माहौल में समापन हो गया। वैश्विक आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर जी के मार्गदर्शन में तैयार यह विशेष शिविर मुख्य रूप से मीडियाकर्मियों की अत्यधिक व्यस्त, तनावपूर्ण और भागदौड़ भरी जीवनशैली को संतुलित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। जामताड़ा के करीब एक दर्जन से अधिक पत्रकारों ने अपनी दैनिक दिनचर्या से समय निकालकर इस शिविर में हिस्सा लिया और प्राणायाम व ध्यान के गुर सीखे।
Media Special Happiness Course Jamtara डॉ. संध्या सिन्हा के मार्गदर्शन में सीखी ‘सुदर्शन क्रिया’
तीन दिनों तक चले इस विशेष सत्र का संचालन रांची से पधारीं आर्ट ऑफ लिविंग की वरिष्ठ प्रशिक्षिका डॉ. संध्या सिन्हा ने किया। उन्होंने बेहद सरल और व्यावहारिक तरीके से पत्रकारों को तनाव प्रबंधन (Stress Management) के सूत्र सिखाए। शिविर के दौरान प्रतिभागियों को आर्ट ऑफ लिविंग की अनूठी श्वसन प्रक्रिया ‘सुदर्शन क्रिया’ का गहन अभ्यास कराया गया। डॉ. सिन्हा ने बताया कि सुदर्शन क्रिया और नियमित ध्यान के अभ्यास से न केवल मानसिक शांति मिलती है, बल्कि शारीरिक कार्यक्षमता (Productivity) और सकारात्मक ऊर्जा में भी अभूतपूर्व वृद्धि होती है।

Media Special Happiness Course Jamtara इन सहयोगियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस विशेष आयोजन को सफल बनाने में संस्था के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों और स्थानीय प्रबुद्ध जनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा:
- सृष्टि तोमर (आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन) और अजय मुखर्जी (स्टेट मीडिया कोऑर्डिनेटर, झारखंड) के कुशल दिशा-निर्देश में रूपरेखा तैयार की गई।
- जामताड़ा जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर विजय भगत ने पूरे तीन दिवसीय कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन किया।
- स्थानीय स्तर पर रीना द्विवेदी, इंदु प्रभा, श्रीकांत प्रसाद, अंजु भगत और प्रसिद्ध शिक्षाविद व विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. डीडी भंडारी का सराहनीय सहयोग रहा।
Media Special Happiness Course Jamtara “तनाव से निपटने की मिली नई ऊर्जा”— पत्रकारों ने साझा किए अनुभव
शिविर के समापन सत्र में हिस्सा लेने वाले पत्रकारों ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। मीडियाकर्मियों ने एक सुर में कहा कि रोज़ाना की ब्रेकिंग न्यूज और समय सीमा (Deadlines) के दबाव के बीच यह कोर्स उनके लिए एक ‘रीफ्रेसर’ की तरह साबित हुआ है। सुदर्शन क्रिया के पहले ही अभ्यास से उन्हें अद्भुत मानसिक शांति और मानसिक थकान से मुक्ति का अहसास हुआ है।

कार्यक्रम के अंत में शिक्षाविद डॉ. डीडी भंडारी ने विद्यालय परिसर को इस आध्यात्मिक और ऊर्जावान आयोजन के लिए चुनने पर पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। समापन के बाद सभी उपस्थित अतिथियों और पत्रकारों ने सौहार्दपूर्ण माहौल में प्रसाद स्वरूप अल्पाहार ग्रहण किया।
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