लाल किले से पीएम मोदी का दो टूक संदेश: न्यूक्लियर धमकी और सिंधु समझौते पर कड़ा रुख

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
लाल किले से पीएम मोदी का दो टूक संदेश: न्यूक्लियर धमकी और सिंधु समझौते पर कड़ा रुख

15 अगस्त 2025 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के वीर जवानों को नमन करते हुए पाकिस्तान और आतंकवाद पर सख्त रुख अपनाया। पीएम मोदी ने साफ किया कि अब भारत न तो न्यूक्लियर धमकियों से डरेगा और न ही सिंधु नदी के पानी को दुश्मनों के खेतों में बहने देगा।


पाकिस्तान और आतंकवाद पर सीधा हमला

पीएम मोदी ने कहा कि अब भारत आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वालों में कोई फर्क नहीं करेगा।

  • न्यूक्लियर ब्लैकमेल खत्म – दशकों से पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भारत सहता आया है, लेकिन अब यह बर्दाश्त नहीं होगा।
  • खून और पानी साथ नहीं बहेंगे – भारत ने तय कर लिया है कि अब दुश्मन को हर स्तर पर जवाब मिलेगा।

ऑपरेशन सिंदूर और सेना को खुली छूट

प्रधानमंत्री ने बताया कि भारतीय सेना को पूरी रणनीतिक स्वतंत्रता दी गई है:

  • लक्ष्य तय करने का अधिकार
  • समय और तरीका चुनने की आज़ादी
  • दुश्मन के इलाके में सैकड़ों किलोमीटर तक कार्रवाई की अनुमति

उन्होंने कहा कि हमारे वीर सैनिकों ने आतंकियों के ठिकानों को जड़ से खत्म कर दिया और दुनिया के सामने अद्वितीय उदाहरण पेश किया।


सिंधु नदी समझौते पर दो टूक

पीएम मोदी ने सिंधु नदी जल समझौते को अन्यायपूर्ण बताया और कहा:

  • यह समझौता एकतरफा है, जिसमें भारत का पानी पाकिस्तान के खेतों को सींचता है, जबकि भारतीय किसान पानी के लिए तरसते हैं।
  • पिछले सात दशकों में इस समझौते ने किसानों का बड़ा नुकसान किया है।
  • अब भारत अपने हक का पानी देश और किसानों के लिए उपयोग करेगा।

संदेश साफ: अब भारत बदला हुआ है

पीएम मोदी का संबोधन इस बात का स्पष्ट संकेत था कि भारत अब अपनी सुरक्षा, संसाधनों और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा। चाहे मामला सीमा पार आतंकवाद का हो या पानी के अधिकार का, भारत अब निर्णायक कदम उठाने के लिए तैयार है।