BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: भारतीय सेना द्वारा हाल ही में अंजाम दिए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने न सिर्फ आतंकवादियों को करारा जवाब दिया, बल्कि देश के हिंदी न्यूज चैनलों की दर्शक संख्या में भी ऐतिहासिक उछाल दर्ज कराया। यह उछाल इतना बड़ा रहा कि 2016 में हुए चर्चित ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ के समय दर्ज हुए आंकड़े भी पीछे रह गए।
BARC ने जारी किए रिकॉर्ड आंकड़े
ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय हिंदी समाचार चैनलों की दर्शक हिस्सेदारी में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदी भाषी बाजारों (HSM) में समाचार चैनलों की हिस्सेदारी 15 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले से पहले यह मात्र 4 प्रतिशत थी।
BARC का यह भी कहना है कि यह आंकड़ा 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान हुई व्यूअरशिप से भी ज्यादा है, जो उस वक्त एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही थी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान हुई बड़ी कार्रवाई
भारतीय सेना ने 6 मई की रात ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में स्थित कम से कम 9 आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद किया। इसके अलावा बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने की भी जानकारी है। यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद की गई, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी।
प्रस्तुति और रिपोर्टिंग को लेकर सवाल भी उठे
हालांकि, व्यूअरशिप में इस ऐतिहासिक उछाल के साथ-साथ खबरों की प्रस्तुति और उनकी सटीकता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। कुछ मीडिया विश्लेषकों ने रिपोर्टिंग की गुणवत्ता और भाषा की भड़काऊ प्रवृत्ति को लेकर चिंता जताई है।
2016 की सर्जिकल स्ट्राइक बनाम 2025 का ऑपरेशन सिंदूर
जहां 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद देश में जबरदस्त राष्ट्रवादी माहौल देखने को मिला था, वहीं ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान टेलीविजन न्यूज चैनलों की सक्रियता और दर्शक जुड़ाव कहीं ज्यादा तीव्र रहा। BARC के अनुसार, इस बार देशवासियों ने बड़ी संख्या में टीवी न्यूज चैनल देखे और पल-पल की जानकारी पर नजर बनाए रखी।





