WomenReservationBill : नई दिल्ली, महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर संसद के विशेष सत्र में जोरदार बहस शुरू हो गई है। लोकसभा में आज इस बिल को पेश किया गया, जहां प्रस्ताव के समर्थन में 207 सांसदों ने वोट दिया, जबकि 126 सांसदों ने इसका विरोध किया। इस तरह सरकार विधेयक को सदन में पेश कराने में सफल रही और अब इस पर विस्तृत चर्चा होगी।
सरकार की ओर से यह विधेयक महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाया गया है। इस पर लोकसभा में 16 और 17 अप्रैल को करीब 18 घंटे चर्चा तय की गई है, जबकि 18 अप्रैल को राज्यसभा में लगभग 10 घंटे बहस के बाद वोटिंग होगी।

चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दोपहर लोकसभा में सरकार का पक्ष रखेंगे, जबकि बहस का जवाब गृह मंत्री अमित शाह देंगे। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है।
WomenReservationBill : क्या हैं विधेयक के प्रमुख बिंदु
विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव है। इनमें 815 सीटें राज्यों के लिए और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित की जाएंगी। इसके साथ ही परिसीमन प्रक्रिया को भी लागू किया जाएगा, जिसमें 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा।
महिला आरक्षण को 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने की योजना है। यह प्रावधान 15 वर्षों तक प्रभावी रहेगा और हर चुनाव में आरक्षित सीटों का रोटेशन किया जाएगा। अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिए भी इसमें अलग से प्रावधान शामिल किया गया है।
WomenReservationBill : परिसीमन और जनगणना पर विवाद
विपक्षी दलों ने बिल का समर्थन तो किया है, लेकिन इसके साथ जुड़े परिसीमन और जनगणना के मुद्दे पर आपत्ति जताई है। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार पहले जनगणना कराए, उसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाए।
वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में स्पष्ट किया कि सरकार जाति आधारित जनगणना कराने के लिए प्रतिबद्ध है और इस पर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण देना संविधान के खिलाफ है।
WomenReservationBill : विपक्ष का रुख
कांग्रेस सहित कई विपक्षी दलों का कहना है कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरकार की प्रक्रिया और टाइमिंग पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि परिसीमन और पुराने जनगणना आंकड़ों के आधार पर सीटों का निर्धारण निष्पक्ष नहीं होगा।
WomenReservationBill : आगे क्या
विधेयक को पास कराने के लिए सरकार को दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होगी, जिसके लिए विपक्ष का समर्थन अहम माना जा रहा है। ऐसे में आने वाले दो दिनों की बहस और राजनीतिक रणनीति इस बिल का भविष्य तय करेगी।

