Report: Punit sen
Amarkantak इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई शैक्षणिक उपलब्धि नहीं बल्कि छात्रावास की बदहाली है। हॉस्टल में परोसे जा रहे घटिया गुणवत्ता वाले भोजन से तंग आकर सैकड़ों छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और देर रात तक परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
Amarkantak थाली में कीड़े देख भड़कीं छात्राएं
हॉस्टल में रह रही छात्राओं का आरोप है कि उन्हें दिया जाने वाला भोजन न केवल बेस्वाद है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। छात्राओं ने बताया कि अक्सर खाने में कीड़े मिलते हैं, दाल पानी की तरह पतली होती है और चावल भी अधपका (कच्चा) रहता है। बार-बार शिकायत के बावजूद जब मेस प्रबंधन और प्रशासन ने कोई सुधार नहीं किया, तो छात्राओं का धैर्य जवाब दे गया।
Amarkantak “हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते”
देर रात शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों छात्राएं शामिल हुईं। आक्रोशित छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिसर “खाने में कीड़ा नहीं चलेगा” और “हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते” जैसे नारों से गूंज उठा। छात्राओं ने स्पष्ट किया कि वे बुनियादी सुविधाओं और सम्मानजनक भोजन के लिए लड़ रही हैं, जिसे प्रशासन लगातार नजरअंदाज कर रहा है।
Amarkantak प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल
यह घटना विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली और छात्राओं की सुरक्षा व स्वास्थ्य के प्रति संवेदनहीनता को उजागर करती है। एक केंद्रीय विश्वविद्यालय में इस तरह की बुनियादी सुविधाओं की कमी प्रशासन की मॉनिटरिंग पर सवालिया निशान लगाती है। छात्राओं का कहना है कि जब तक खाने की गुणवत्ता में ठोस सुधार नहीं होता और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।
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