Reporter: Azad Saxena, Edit By: Mohit Jain
देश की अग्रणी खनन कंपनी एनएमडीसी ने 15 नवंबर 1958 को स्थापना के बाद पिछले छह दशकों में भारत के स्टील सेक्टर और खनिज अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
लौह अयस्क का उत्पादन:
1958 में स्थापित NMDC ने दंतेवाड़ा जिले के बैलाडिला क्षेत्र में डिपॉजिट 14 से 1968 में लौह अयस्क का उत्पादन शुरू किया। इसके बाद डिपॉजिट 11बी, 11सी और बचेली में 5, 10A/11A डिपॉजिट खोले गए। आज यह क्षेत्र लौह अयस्क उत्पादन में कई रिकॉर्ड तोड़ चुका है।

राष्ट्रीय और सामाजिक योगदान:
देश में उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क का सबसे बड़ा उत्पादक होने के कारण NMDC हर साल करोड़ों टन आयरन-ओर निकालकर देश के इस्पात उद्योग को मजबूत करता है। इसके खनन कार्यों से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिला है और छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक जैसे खनन क्षेत्रों में रोजगार, सड़कें, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाओं के रूप में सामाजिक विकास हुआ है।
आज NMDC एक ‘नवरत्न’ कंपनी के रूप में भारत की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ बनी हुई है।





