BY
Yoganand Shrivastava
World’s Richest Temple आंध्र प्रदेश स्थित प्रसिद्ध तिरुमला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर दुनिया के सबसे समृद्ध मंदिरों में गिना जाता है। विशाल संपत्ति और हर दिन करोड़ों रुपये के चढ़ावे के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर अपनी विशेष डोनर पॉलिसी को लेकर एक बार फिर चर्चा में है। यहां बड़े दानदाताओं को सम्मान स्वरूप सोने और चांदी के विशेष सिक्के भेंट किए जाते हैं।
World’s Richest Temple दान के आधार पर मिलता है विशेष सम्मान
मंदिर ट्रस्ट की नीति के अनुसार निर्धारित राशि का दान करने वाले पंजीकृत श्रद्धालुओं को पहली यात्रा के दौरान विशेष सम्मान दिया जाता है। 10 लाख से 25 लाख रुपये तक दान करने वालों को चांदी का सिक्का, जबकि 25 लाख रुपये से अधिक दान करने वालों को सोने का डॉलर और अन्य स्मृति चिह्न प्रदान किए जाते हैं। एक करोड़ रुपये या उससे अधिक दान देने वाले भक्तों को विशेष सम्मान के साथ सोने और चांदी से जुड़े स्मारक उपहार दिए जाते हैं।
World’s Richest Temple रोजाना करोड़ों का चढ़ावा, सोने का विशाल भंडार
तिरुपति बालाजी मंदिर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का नकद चढ़ावा आता है। मंदिर ट्रस्ट के पास विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों में बड़ी मात्रा में सोना जमा है। यही वजह है कि यह मंदिर दुनिया के सबसे धनी धार्मिक संस्थानों में शामिल माना जाता है।
World’s Richest Temple VIP सुविधाओं के नियमों में बदलाव
हाल ही में मंदिर प्रशासन ने डोनर पॉलिसी में बड़ा बदलाव किया है। पहले बड़े दानदाताओं को आजीवन विशेष दर्शन और आवास सुविधाएं मिलती थीं, लेकिन अब इन सुविधाओं की अवधि सीमित कर दी गई है। नए नियमों के तहत व्यक्तिगत दानदाताओं को निर्धारित वर्षों तक ही विशेष सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इस बदलाव से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रिकॉर्ड दान किया था।





