NATO को रक्षा बजट 5% तक बढ़ाना चाहिए: बाल्टिक देशों की मांग | रूस-यूक्रेन युद्ध का असर

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा चिंताओं को फिर से केंद्र में ला दिया है। ऐसे में बाल्टिक देश — एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया — अब नाटो (NATO) देशों से अपील कर रहे हैं कि वे अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने के लिए GDP का कम से कम 5% रक्षा पर खर्च करें। यह मांग नाटो की अगली वार्षिक शिखर बैठक से ठीक पहले आई है।


वर्तमान स्थिति: नाटो का रक्षा खर्च लक्ष्य क्या है?

  • फिलहाल नाटो का आधिकारिक रक्षा बजट लक्ष्य GDP का 2% है।
  • नाटो के 32 में से केवल 22 सदस्य ही इस लक्ष्य को पूरा कर रहे हैं।
  • लेकिन रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर किए गए पूर्ण हमले के बाद से कई सीमावर्ती देश इसे अपर्याप्त मान रहे हैं।

बाल्टिक देशों और पोलैंड की नई पहल

  • एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया और पोलैंड जैसे देश रूस की सीमा से सटे हुए हैं और उन्हें सबसे अधिक खतरे का अंदेशा है।
  • इन चारों देशों ने ऐलान किया है कि वे 2026 तक रक्षा खर्च को GDP के 5% तक बढ़ा देंगे
  • एस्टोनियाई रक्षा मंत्री हान्नो पेवकुर ने उत्तरी एस्टोनिया के एमारी एयरबेस पर हुई बैठक में कहा: “हम मानते हैं कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए नाटो के सभी देशों को रक्षा खर्च में बढ़ोतरी करनी चाहिए।”

अमेरिका से मजबूत साझेदारी की दिशा में कदम

  • बाल्टिक देशों के रक्षा मंत्रियों ने अमेरिका के साथ अपने रिश्तों को और मजबूत करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
  • इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य:
    • अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को बनाए रखना
    • सामूहिक सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करना

ट्रंप की 5% रक्षा खर्च की मांग

  • पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि नाटो सदस्यों को अपनी GDP का 5% रक्षा पर खर्च करना चाहिए।
  • बाल्टिक देशों की यह मांग ट्रंप की सोच के अनुरूप दिखाई दे रही है।

अगला नाटो शिखर सम्मेलन कब और कहां?

  • स्थान: द हेग, नीदरलैंड्स
  • तिथि: 24 से 26 जून, 2025
  • संभावना है कि इस बैठक में 5% रक्षा खर्च की मांग को केंद्र में रखा जाएगा।

क्यों ज़रूरी है रक्षा बजट बढ़ाना?

1. रूस की आक्रामकता में वृद्धि

  • यूक्रेन पर हमला और बाल्टिक सागर में सैन्य गतिविधियों में तेज़ी
  • साइबर हमलों और सीमावर्ती तनाव की आशंका

2. यूरोपीय सुरक्षा ढांचे को मज़बूती देना

  • मजबूत सैन्य उपस्थिति से संभावित खतरों का मुकाबला
  • अमेरिका जैसे सहयोगियों पर कम निर्भरता

3. भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटना

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन युद्ध और नई तकनीकों की आवश्यकता
  • सेना का आधुनिकीकरण और रक्षा नवाचार

निष्कर्ष: क्या 5% लक्ष्य व्यावहारिक है?

जहां कुछ देश इसे वित्तीय बोझ मानते हैं, वहीं बाल्टिक और पोलैंड जैसे फ्रंटलाइन देश इसे अस्तित्व से जुड़ा मुद्दा मानते हैं। यदि नाटो को एक मजबूत और एकजुट संगठन बनाए रखना है, तो शायद अब समय आ गया है कि 2% की सीमा को पीछे छोड़ते हुए 5% रक्षा खर्च पर गंभीरता से विचार किया जाए।

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