by-Rajesh Pawar
महेश्वर: माँ रेवा आरती समिति के तत्वावधान में सुबह 8 बजे सामने घाट पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। इस दौरान मां नर्मदा का दुग्धाभिषेक किया गया और दक्षिण तट से उत्तरी तट तक 1100 मीटर की भव्य चुनरी अर्पित की गई। विभिन्न संगठनों और नर्मदा भक्त मंडलों ने 101 लीटर दूध से मां का अभिषेक किया। दोपहर 12 बजे महाआरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया।

नर्मदा जयंती के अवसर पर नगर के श्री राम मंदिर और सोनी धर्मशाला में कन्या भोज सहित विशेष भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ बाहर से आए भक्तों ने भी प्रसाद ग्रहण किया। भक्तों द्वारा नर्मदा घाट को फूलों से सजाया गया और विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

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माघ शुक्ल सप्तमी को मां नर्मदा का प्रादुर्भाव दिवस माना जाता है और इस दिन को उनके जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर नर्मदा तट पर स्नान का विशेष महत्व है, जिससे भक्तों को पुण्य की प्राप्ति होती है।





