Report: Ratan kumar
Narayanpur Building Collapse जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड कार्यालय परिसर में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के निर्माणाधीन भवन में बड़ा तकनीकी हादसा सामने आया है। भवन की छत की सेंटरिंग अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। राहत की बात यह रही कि घटना के समय कोई मजदूर इसकी चपेट में नहीं आया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
Narayanpur Building Collapse 80 प्रतिशत कार्य के बाद खुली सेंटरिंग, लोगों ने जताई चिंता
Narayanpur Building Collapse 80 जानकारी के अनुसार प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित पानी टंकी के पास विभागीय भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। छत की ढलाई का कार्य शुरू किया जा चुका था और लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पूरा होने की बात सामने आई है। इसी दौरान सेंटरिंग का एक बड़ा भाग कमजोर होकर अचानक नीचे गिर गया। घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य में उपयोग की जा रही सामग्री और तकनीकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।
पंचायत समिति सदस्य पवन पोद्दार ने संवेदक और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से बेहतर पेयजल सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान इस तरह की घटना चिंता का विषय है।
Narayanpur Building Collapse जांच और कार्रवाई की मांग, विभाग ने शुरू किया निरीक्षण
घटना के बाद जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी या किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कनीय अभियंता संतोष महतो ने बताया कि भवन की छत की ढलाई दो दिनों में पूरी की जानी थी। करीब 150×60 क्षेत्रफल में कार्य प्रस्तावित था, लेकिन प्रारंभिक चरण में ही सेंटरिंग खुलने से पूरी संरचना नीचे आ गई। विभागीय टीम अब घटना के कारणों और निर्माण कार्य की स्थिति का आकलन कर रही है।
घटना ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी निरीक्षण की प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



