by: vijay nandan
mp budget session 2026 : भोपाल, मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन विपक्षी सदस्यों ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का मामले पर हंगामा किया। प्रश्नकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों और नेता प्रतिपक्ष ने मौतों की संख्या और पीड़ित परिवारों को दिए गए मुआवजे का विवरण मांगा, जिसके बाद सदन में तीखी राजनीतिक बहस शुरू हो गई।
स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने बताया कि अब तक 22 मौतों की पुष्टि हुई है और मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये के हिसाब से कुल 44 लाख रुपये की सहायता दी गई है। इस जवाब पर विपक्ष ने सरकार पर असंवेदनशीलता का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायक आसंदी के सामने पहुंचकर नारेबाजी करने लगे और धरने पर बैठ गए, जिससे सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी।

mp budget session 2026 : चर्चा पर टालमटोल का आरोप
प्रश्नकाल में नेता प्रतिपक्ष ने 21 दिसंबर के बाद से भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों, बीमार लोगों की संख्या और मुआवजे की जानकारी मांगी। इस दौरान पंचायती राज मंत्री प्रहलाद पटेल ने नियम का हवाला देते हुए कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जांच जारी है, इसलिए विस्तृत चर्चा से बचना चाहिए, हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नियमों के तहत सीमित दायरे में इस मुद्दे पर चर्चा संभव है। विपक्ष ने तर्क दिया कि पहले भी जांच चलने के बावजूद कई गंभीर मामलों पर सदन में चर्चा होती रही है।
mp budget session 2026 : सरकार का पक्ष और कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि जांच और पोस्टमार्टम से जुड़े विवादों के बीच संबंधित क्षेत्र के कलेक्टर को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और जरूरत पड़ने पर पीड़ित परिवारों को अधिक सहायता देने पर भी विचार किया जाएगा।
mp budget session 2026 : बीमारी और मौतों की स्थिति
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 21 से 29 दिसंबर के बीच डायरिया और संक्रमण के मामलों में अचानक वृद्धि हुई थी। जांच रिपोर्ट और मेडिकल दस्तावेजों के आधार पर अब तक 22 मौतों की पुष्टि की गई है।
mp budget session 2026 : मुआवजे पर भी सियासत
नेता प्रतिपक्ष ने मुआवजे की राशि को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई अन्य दुर्घटनाओं में अधिक सहायता दी जाती है, जबकि प्रशासनिक लापरवाही से हुई मौतों पर कम मुआवजा दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस विधायकों ने अपनी ओर से पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद दी है।
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