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US Iran Tension:अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार, ट्रंप को मिली विस्तृत रणनीतिक ब्रिफिंग

US Iran Tension

US Iran Tension: मॉस्को से आई रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। रूस टुडे ने वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को व्हाइट हाउस और पेंटागन द्वारा तैयार एक विस्तृत रणनीतिक ब्रिफिंग दी गई है। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों और शासन पर दबाव बढ़ाने के विभिन्न विकल्प शामिल बताए गए हैं।

US Iran Tension: बड़े पैमाने की रणनीति में शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने का विकल्प

रिपोर्ट के अनुसार, एक व्यापक योजना पर भी विचार किया गया है, जिसके तहत ईरान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को टारगेट करने की संभावना शामिल है। इस रणनीति का उद्देश्य मौजूदा शासन पर अधिकतम दबाव बनाना बताया गया है। संभावित लक्ष्यों में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ कमांडर और शीर्ष सरकारी पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं।

US Iran Tension: दावों पर आधिकारिक पुष्टि नहीं

राजनीतिक स्तर पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची जैसे प्रमुख नामों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

US Iran Tension: परमाणु और मिसाइल ठिकानों पर हवाई हमले भी विकल्प

अमेरिकी विकल्पों में लक्षित हवाई हमले भी शामिल बताए गए हैं, जिनमें ईरान की परमाणु साइटों और मिसाइल केंद्रों को निशाना बनाया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक यह कार्रवाई पिछले सीमित अभियानों से अलग, अधिक व्यापक और निरंतर हवाई अभियान के रूप में हो सकती है।

US Iran Tension

अमेरिका ने मध्य पूर्व क्षेत्र में विमानवाहक पोत, युद्धपोत और बड़ी संख्या में फाइटर जेट तैनात किए हैं। इसे 2003 के इराक युद्ध के बाद क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का सबसे बड़ा जमावड़ा बताया जा रहा है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है, लेकिन उन्होंने “निर्णायक कार्रवाई” की संभावना से इनकार भी नहीं किया है।

US Iran Tension: अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, दोनों ओर सैन्य तैयारी

अमेरिका द्वारा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सैन्य संसाधनों की तैनाती के बाद तनाव और बढ़ गया है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अमेरिका ने ईरान के आसपास बड़ी संख्या में लड़ाकू विमान और युद्धपोत तैनात किए हैं।

दूसरी ओर, ईरान ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने और जवाबी तैयारी तेज करने का दावा किया है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की जाएगी।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान के प्रस्ताव अमेरिकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं हैं। वहीं कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि सैन्य हमला शासन परिवर्तन की गारंटी नहीं देता, फिर भी सभी विकल्प खुले रखे गए हैं।

US Iran Tension: खाड़ी देशों की सतर्कता और परमाणु स्थलों की सुरक्षा

सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देशों ने संकेत दिया है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी हमले के लिए नहीं होने देंगे। इससे अमेरिका की रणनीतिक संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।

इसी बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान अपनी परमाणु सुविधाओं को अधिक सुरक्षित और बंकरनुमा संरचनाओं में बदलने की दिशा में काम कर रहा है।

स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है और कूटनीतिक स्तर पर वार्ता के प्रयास भी जारी हैं। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने अपनी नीतियों में बदलाव नहीं किया तो कार्रवाई अभूतपूर्व हो सकती है।

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