BY
Yoganand Shrivastava
Moradabad उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से ममता की शक्ति और अदम्य साहस की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यहाँ एक मां अपने 4 साल के मासूम बच्चे को मौत के मुंह से छीन लाई। जब एक खूंखार तेंदुआ बच्चे को दबोचकर जंगल की ओर ले जा रहा था, तब निहत्थी मां अपनी जान की परवाह किए बिना शिकारी जानवर से भिड़ गई और उसे भागने पर मजबूर कर दिया।
आंगन में खेल रहे मासूम पर तेंदुए का घातक हमला
Moradabad घटना ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र के गांव तरफ दलपतपुर की है। सोमवार रात करीब आठ बजे, किसान रवि सैनी का 4 वर्षीय बेटा मोक्ष घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर गन्ने के खेतों से निकले एक तेंदुए ने मोक्ष पर हमला कर दिया। तेंदुआ मासूम की गर्दन को अपने शक्तिशाली जबड़ों में दबोचकर जंगल की तरफ भागने लगा। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर मां पिंकी बाहर दौड़ी, तो सामने का मंजर देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।
गन्ने के डंठल बने हथियार, मां ने तेंदुए को सिखाया सबक
Moradabad अपने बच्चे को मौत के करीब देख पिंकी के भीतर की ममता ‘चंडी’ का रूप ले ली। उसने बिना डरे तेंदुए का पीछा किया। रास्ते में पड़ा एक गन्ने का डंठल उठाकर उसने तेंदुए के चेहरे और जबड़े पर ताबड़तोड़ प्रहार करने शुरू कर दिए। लगातार हो रहे हमलों और महिला के रौद्र रूप से घबराकर तेंदुआ बच्चे को वहीं छोड़कर झाड़ियों में ओझल हो गया। शोर सुनकर ग्रामीण भी लाठी-डंडे लेकर जमा हो गए, लेकिन तब तक तेंदुआ अंधेरे का लाभ उठाकर भाग चुका था।
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है मासूम ‘मोक्ष’
Moradabad तेंदुए के इस हमले में मोक्ष गंभीर रूप से घायल हो गया है। जानवर के दांत उसकी गर्दन में धंस गए थे और हमले में उसका एक कान भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके का मुआयना किया है और ग्रामीणों को रात के समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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