7 मई को देशभर में होगी मॉक ड्रिल: नागरिकों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

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BY: Yoganand Shrivastva

भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा तनावपूर्ण माहौल के मद्देनज़र, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे 7 मई 2025 को मॉक ड्रिल आयोजित करें। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को युद्ध जैसी आपात स्थितियों—विशेष रूप से हवाई हमले या आतंकवादी हमलों—से निपटने के लिए प्रशिक्षित करना है।

क्या है मॉक ड्रिल का उद्देश्य?

इस अभ्यास के जरिए नागरिकों को यह सिखाया जाएगा कि अगर देश पर हमला होता है, तो वे किस प्रकार खुद को सुरक्षित रखें, सही समय पर कैसे प्रतिक्रिया दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। ड्रिल में निकासी की योजना, आपातकालीन उपाय, और प्राथमिक सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल होंगे।

कहाँ होगी यह मॉक ड्रिल?

यह मॉक ड्रिल भारत के 244 चिन्हित जिलों में आयोजित की जाएगी, जिनमें सीमा से सटे राज्य जैसे जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और गुजरात विशेष रूप से शामिल हैं। इस अभ्यास में गांव स्तर तक गतिविधियाँ की जाएँगी और अग्निशमन विभाग, होम गार्ड्स और सिविल डिफेंस संगठन सक्रिय रूप से भाग लेंगे।


नागरिकों के लिए जरूरी दिशानिर्देश

  1. सायरन बजने पर घबराएं नहीं
    ड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बज सकते हैं। यह केवल अभ्यास है। घबराने की बजाय शांत रहें और निकटतम सुरक्षित स्थान की ओर बढ़ें।
  2. सुरक्षित आश्रय लें
    खुले स्थान से तुरंत हटें और किसी सुरक्षित इमारत, घर या बंकर में शरण लें। यदि आप घर के अंदर हैं, तो खिड़कियाँ और दरवाज़े बंद करके वहीं रुकें।
  3. ‘क्रैश ब्लैकआउट’ का पालन करें
    अभ्यास के दौरान सभी लाइटें बुझा दी जाएंगी ताकि किसी दुश्मन को निशाना साधने में कठिनाई हो। घर की खिड़कियों और दरवाजों को काले कपड़े या कागज से ढकें। वाहन चलाते समय लाइटें बंद करें और वाहन रोक दें।
  4. प्रशिक्षण में भाग लें
    नागरिकों और छात्रों को आपातकालीन प्रतिक्रिया, प्राथमिक चिकित्सा, और बंकर में छिपने जैसे व्यवहारिक प्रशिक्षण दिए जाएंगे। इसमें भाग लेना अनिवार्य नहीं है, लेकिन अत्यंत लाभकारी है।
  5. निकासी योजना का अभ्यास करें
    नागरिकों को सुरक्षित स्थानों तक ले जाने का अभ्यास किया जाएगा। अपने परिवार के साथ पहले से इस योजना की चर्चा करें और अपने इलाके के निकासी मार्ग की जानकारी रखें।
  6. सूचना स्रोतों पर ध्यान दें
    टीवी, रेडियो, और सरकारी ऐप्स या पोर्टल्स से आने वाली सूचनाओं पर ध्यान केंद्रित करें। अफवाहों या सोशल मीडिया पर फैल रही झूठी खबरों से बचें।
  7. आपातकालीन किट तैयार रखें
    एक बेसिक किट में पानी, सूखा खाना, दवाएं, टॉर्च, बैटरी, ज़रूरी कागज़ात की कॉपी, गर्म कपड़े और कंबल जैसे आवश्यक सामान शामिल हों। यह किट हर समय सुलभ होनी चाहिए।
  8. सहयोग करें
    स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सिविल डिफेंस के साथ सहयोग करें। यदि आप किसी रक्षा समूह या वालंटियर नेटवर्क से जुड़े हैं, तो अपने कर्तव्यों को गंभीरता से निभाएं।
  9. बच्चों और बुजुर्गों को समझाएं
    बच्चों को ड्रिल की प्रक्रिया के बारे में पहले से अवगत कराएं ताकि वे डरें नहीं। बुजुर्गों और विकलांगों को सुरक्षित स्थान तक पहुँचाने में उनकी सहायता करें।

यह मॉक ड्रिल सिर्फ एक अभ्यास है, लेकिन यह वास्तविक आपदा प्रबंधन की तैयारी का अहम हिस्सा है। सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे इस अभ्यास को गंभीरता से लें और प्रशासन का सहयोग करें।

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