Lucknow उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज आयुर्वेद फार्मासिस्ट के सैकड़ों छात्रों ने अपनी लंबित भर्ती प्रक्रिया को लेकर विधानसभा का घेराव किया। लंबे समय से रुकी हुई नियुक्तियों से नाराज अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान छात्रों का गुस्सा और दर्द साफ झलक रहा था, क्योंकि वे पिछले कई सालों से केवल ‘तारीख’ मिलने से परेशान हैं।
Lucknow “तारीखों से नहीं चलेगा काम”: अनूठा विरोध प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी छात्र अपने साथ “तारीखों से नहीं चलेगा काम” लिखे हुए पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कोर्ट में हर पेशी पर उन्हें केवल नई तारीख थमा दी जाती है, जिससे भर्ती प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। प्रदर्शन में शामिल महिला अभ्यर्थियों ने सबका ध्यान खींचा, जो अपने छोटे बच्चों को गोद में लेकर अपनी मांगों के समर्थन में सड़क पर उतरी थीं। उनका कहना है कि “न्याय में देरी करना, असल में अत्याचार करने जैसा है।”
Lucknow एक साथी की आत्महत्या का भावुक जिक्र
आंदोलन के दौरान छात्रों ने एक बेहद दुखद पहलू को भी सामने रखा। अभ्यर्थियों ने बताया कि भर्ती में हो रही अत्यधिक देरी और मानसिक तनाव के कारण उनके एक साथी ने आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लिया है। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो हताशा में अन्य छात्र भी कड़े कदम उठा सकते हैं। वे पिछले कई सालों से योग्यता होने के बावजूद बेरोजगारी का दंश झेल रहे हैं।
Lucknow मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अंतिम गुहार
विधानसभा के बाहर नारेबाजी कर रहे छात्रों ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। अभ्यर्थियों की मांग है कि मुख्यमंत्री खुद इस संवेदनशील मुद्दे का संज्ञान लें और आयुर्वेद फार्मासिस्टों की भर्ती प्रक्रिया को समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दें। प्रशासन ने फिलहाल प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की है, लेकिन छात्र ठोस आश्वासन मिलने तक हटने को तैयार नहीं हैं।
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