,

GPM POCSO Case Verdict: गौरेला–पेंड्रा–मरवाही में नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दो दोषियों को 10-10 साल की सजा

- Advertisement -
Ad imageAd image
GPM POCSO Case Verdict

GPM POCSO Case Verdict: छत्तीसगढ़ के गौरेला–पेंड्रा–मरवाही जिले में नाबालिग किशोर के साथ कुकर्म और उसका वीडियो बनाने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दो आरोपियों को 10–10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पेंड्रारोड स्थित विशेष अपर सत्र न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह अहम फैसला सुनाया।

GPM POCSO Case Verdict: पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष अदालत का कड़ा फैसला, अर्थदंड भी लगाया गया

विशेष अपर सत्र न्यायालय की न्यायाधीश श्रीमती ज्योति अग्रवाल ने कोरबा निवासी आदेश उर्फ अंशु जॉन और बलौदाबाजार निवासी विकास मसीह उर्फ लाली को पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी करार दिया। दोनों आरोपियों को 10–10 वर्ष के कठोर कारावास के साथ 10–10 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।

GPM POCSO Case Verdict: कुकर्म के साथ वीडियो बनाकर दी थी जान से मारने की धमकी, 11 महीने में आया फैसला

मामला 21 अप्रैल 2025 की रात का है, जब नाबालिग पीड़ित अपने दोस्त के घर जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने उसे रास्ते में रोककर जबरन मोटरसाइकिल में बैठाया और गौरेला के सुमन निकेतन चर्च के पीछे जंगल में ले गए। वहां दोनों ने उसके साथ कुकर्म किया और मोबाइल से वीडियो बना लिया। इसके बाद पीड़ित को धमकी दी गई कि यदि उसने किसी को बताया तो उसे जान से मार दिया जाएगा, साथ ही उसके साथ मारपीट भी की गई।

पीड़ित की शिकायत पर गौरेला थाना में मामला दर्ज किया गया, जिसके बाद सुनवाई के दौरान न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट की धारा 3 सहपठित धारा 4 के तहत दोष सिद्ध पाया। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि पीड़ित के उपचार और पुनर्वास में उपयोग की जाएगी।

READ ALSO: Iran refuses ceasefire: ईरानी विदेश मंत्री अराघची का बयान, कहा- ईरान ना तो युद्धविराम चाहता है, ना ही बातचीत करेगा

इस मामले में शासन की ओर से विशेष अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने प्रभावी पैरवी की। घटना के लगभग 11 महीने के भीतर आए इस फैसले को त्वरित न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।