BY: Yoganand Shrivastva
Sugar Price Hike त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले एक महीने में चीनी के दाम करीब 24 फीसदी बढ़कर कई जगहों पर 56 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। हालांकि, चीनी उद्योग संगठन ISMA का कहना है कि देश में चीनी की कोई वास्तविक कमी नहीं है और आने वाले महीनों में सप्लाई बढ़ने से कीमतों में नरमी आ सकती है।
कीमतों में तेजी के पीछे क्या है वजह?
Sugar Price Hike इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर के मुताबिक, हालिया तेजी के पीछे जमाखोरी और मौसम से जुड़ी परिस्थितियों के कारण उत्पादन पर पड़ा असर प्रमुख वजहों में शामिल हैं।उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध है और त्योहारी सीजन की मांग पूरी करने में फिलहाल किसी बड़ी कमी की आशंका नहीं है। उद्योग संगठन को उम्मीद है कि बाजार में आपूर्ति बेहतर होने के साथ कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।
सरकार ने 10 लाख टन आयात को दी मंजूरी
Sugar Price Hike बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने भी कदम उठाया है। सरकार ने 20 अगस्त को 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दी है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में उपलब्धता बढ़ाना और कीमतों को नियंत्रण में रखना है। इस कदम से बाजार में चीनी की सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है। यदि आयातित चीनी समय पर घरेलू बाजार में पहुंचती है तो त्योहारी मांग के दौरान कीमतों पर अतिरिक्त दबाव कम किया जा सकता है।
नवंबर से बढ़ सकती है घरेलू सप्लाई
Sugar Price Hike नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (NFCSF) ने 2025-26 सीजन में चीनी उत्पादन का अनुमान 279 लाख टन लगाया है। इसमें से लगभग 24 लाख टन चीनी एथेनॉल उत्पादन में इस्तेमाल होने का अनुमान है।
Sugar Price Hike अगले चीनी सीजन की शुरुआत 1 अक्टूबर से होगी। शुरुआती दौर में करीब 35 लाख टन का स्टॉक उपलब्ध रहने का अनुमान है, जबकि देश में हर महीने लगभग 22 लाख टन चीनी की खपत होती है। नवंबर से नई पेराई शुरू होने के बाद बाजार में अतिरिक्त चीनी आने की उम्मीद है। वहीं, कुछ आयातित चीनी भी अक्टूबर के मध्य तक भारत पहुंच सकती है। ब्राजील को फिलहाल आयात के लिए प्रमुख संभावित स्रोत माना जा रहा है। ऐसे में घरेलू उत्पादन, शुरुआती स्टॉक और आयात—तीनों से बाजार में सप्लाई बढ़ने की उम्मीद है।




