BY: Yoganand Shrivastva
One Nation One Election देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की चर्चा के बीच केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले चुनाव विकास की गति को प्रभावित करते हैं और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की व्यवस्था देश के लिए जरूरी है। शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, इसके लिए 2034 तक इंतजार करने की जरूरत नहीं है, बल्कि 2029 से ही इसे लागू किया जा सकता है।
2029 में लोकसभा के साथ 22 राज्यों में चुनाव की चर्चा
One Nation One Election हरिद्वार में संत समाज के एक कार्यक्रम के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने एक साथ चुनाव कराने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था और राजनीतिक इच्छाशक्ति हो तो 2029 में लोकसभा चुनाव के साथ करीब 22 राज्यों के विधानसभा चुनाव भी कराए जा सकते हैं।

हालांकि, ऐसा करने के लिए कुछ राज्यों के मौजूदा विधानसभा कार्यकाल को निर्धारित समय से पहले समाप्त करने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में संवैधानिक और राजनीतिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण फैसले लेने होंगे।
कई राज्यों में समय से पहले चुनाव कराने की चुनौती
One Nation One Election प्रस्तावित व्यवस्था के तहत उन राज्यों में चुनाव पहले कराने की स्थिति बन सकती है, जहां 2027 या 2028 में विधानसभा चुनाव होने हैं। 2029 में लोकसभा के साथ चुनाव कराने के लिए कुछ राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही चुनाव कराना पड़ेगा।
यही वजह है कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लागू करने के लिए संवैधानिक प्रावधानों और राजनीतिक सहमति को लेकर आगे की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
1967 तक एक साथ होते थे चुनाव
One Nation One Election भारत में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होना कोई नई व्यवस्था नहीं है। आजादी के बाद 1952, 1957, 1962 और 1967 में लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनाव एक साथ कराए गए थे। बाद में अलग-अलग राज्यों में सरकारों के कार्यकाल में बदलाव और अन्य राजनीतिक परिस्थितियों के कारण चुनावों का चक्र अलग होता चला गया।
वर्तमान में एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव पर संसद की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) भी विचार कर रही है। शिवराज सिंह चौहान का बयान ऐसे समय आया है जब ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ को लेकर राजनीतिक बहस लगातार तेज हो रही है।




