Schools Krishna Janmashtami Controversy : बोले- किसी एक धर्म का आयोजन क्यों ? सनातनियों का देश, आयोजन पर आपत्ति क्यों ?
Schools Krishna Janmashtami Controversy : मध्यप्रदेश के स्कूलों में कृष्ण जन्माष्टमी के आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के एक आदेश के बाद आयोजन को लेकर सियासत तेज हो गई है। सरकार के निर्णय पर मुस्लिम स्कॉलर तौकीर निजामी ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि स्कूलों को किसी एक धर्म विशेष का आयोजन करने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि अगर धार्मिक पर्व स्कूलों में मनाए जाते हैं तो सभी धर्मों के पर्वों को समान रूप से मनाया जाना चाहिए। मुस्लिम पक्ष की आपत्ति के बाद धर्म, शिक्षा और सरकारी स्कूलों की भूमिका को लेकर नई बहस छिड़ गई है। सनातन धर्म गुरूओं ने सरकार के निर्णय की सराहना की, कहा ये देश सनातनियों का देश है, ऐसे आयोजनों पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
Schools Krishna Janmashtami Controversy : तो वहीं बीजेपी ने सरकार के फैसले को स्वागत योग्य बताते हुए कहा कि सरकार का निर्णय हमारी सनातन संस्कृति, संस्कारों और श्रीकृष्ण के जीवन मूल्यों से नई पीढ़ी को जोड़ने वाला सराहनीय कदम है। भाजपा ने आरोप लगाया कि जो लोग अपने समय में सरकारी भवनों में रोजा इफ्तारी कराते थे उनका इस निर्णय का विरोध केवल तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित मानसिकता को दर्शाता है। आपको बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग ने 1 से 3 सितंबर तक प्रदेश के स्कूलों में कृष्ण लीला, गीता ज्ञान पर आधारित नाटक, नृत्य और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। बहरहाल अब मुद्दा सिर्फ जन्माष्टमी के आयोजन का नहीं, बल्कि स्कूलों में धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों की सीमा और धर्मनिरपेक्षता पर नई बहस का बन गया है।
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