Sawan Non Veg Controversy : आरोप-प्रत्यारोप के बीच नहीं थम रहा सियासी बवाल,सावन में नॉन-वेज पार्टी, माननीयों की टेंशन बढ़ी
Sawan Non Veg Controversy : सावन के महीने में मांसाहार (नॉन-वेज) के सेवन को लेकर अक्सर राजनीतिक गलियारों में तीखी बयानबाजी और तकरार देखने को मिलती है। हाल ही में अयोध्या में हुए एक मछली भोज और नेताओं के खानपान से जुड़े बयानों ने इस विवाद को फिर हवा दी है, जहां एक तरफ धार्मिक और राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगे, वहीं दूसरी तरफ इसे आस्था और व्यक्तिगत पसंद से जोड़ा गया। लेकिन सावन में मांसाहार के सेवन से ना पक्ष बचा और ना ही विपक्ष और सियासी गलियारों में इसको लेकर घमासान तेज है…ऐसे में सावन में मांसाहार का सेवन सही है या गलत? और आरोप प्रत्यारोप के बीच कौन सही कौन गलत ? इसी पर विस्तार से करेंगे चर्चा उससे पहले देखिये ये रिपोर्ट |
Sawan Non Veg Controversy : उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में ‘मछली भोज’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.. दरअसल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के स्वागत समारोह कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के लिए मछली पकाई गई थी, लेकिन भारी बारिश के चलते कार्यक्रम प्रभावित हो गया.. सावन के पवित्र महीने में आयोजित इस कार्यक्रम को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के सुर उठ रहे हैं… कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद के मुताबिक, यह आयोजन कांग्रेस में उनके शामिल होने के बाद नेताओं के स्वागत के लिए किया गया था. जिसमे भोज की व्यवस्था भी की गई थी…इसी बीच मछली पकाए जाने का वीडियो सामने आया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया. वीडियो में भारी बारिश के बीच मौके पर मौजूद कुछ लोग मछलियां बटोरते हुए भी दिखाई दे रहे हैं. कार्यक्रम आयोजक कांग्रेस नेता राम निहाल निषाद ने कहा कि भोजन करने में क्या दिक्कत है? भारतवर्ष में 26 जनवरी 1950 को जब से संविधान लागू हुआ है, कोई कुछ भी खा सकता है. मछली मारना, मछली खाना, इसमें बुराई क्या है?
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