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New Delhi मां गंगा की पवित्रता से खिलवाड़ अक्षम्य, दोषियों पर हो कठोरतम कार्रवाई — स्वामी चक्रपाणि महाराज

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New Delhi काशी: सनातन धर्म की जीवनधारा और करोड़ों हिंदुओं की अटूट आस्था की केंद्र मां गंगा को दूषित करने के प्रयासों पर अखिल भारत हिंदू महासभा ने गहरा रोष व्यक्त किया है। श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के जगतगुरु स्वामी चक्रपाणि नंद गिरि जी महाराज ने काशी में गंगा जल को अपवित्र करने की घटना को ‘अक्षम्य अपराध’ और सनातन संस्कृति पर प्रहार बताया है।

New Delhi धार्मिक आस्था और शास्त्र सम्मत चेतावनी

स्वामी चक्रपाणि महाराज ने कड़े शब्दों में कहा कि मां गंगा केवल एक जल स्रोत नहीं, बल्कि मोक्षदायिनी शक्ति हैं। उन्होंने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि जो लोग पवित्र नदियों को दूषित करने का दुस्साहस करते हैं, वे न केवल कानून के अपराधी हैं बल्कि धर्मशास्त्रों के अनुसार ‘नरक के भागीदार’ भी बनते हैं। उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ की नगरी में इस तरह का कृत्य हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को सीधे तौर पर आहत करने की साजिश है।

New Delhi कठोर कानून और सरकार से मांग

हिंदू महासभा के अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकारों से पुरजोर मांग की है कि:

  • मां गंगा सहित सभी पवित्र नदियों और हिंदू धर्मस्थलों की रक्षा के लिए विशेष कठोर कानून बनाया जाए।
  • गंगा को अपवित्र करने वालों के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम की जाए कि भविष्य में कोई ऐसा दुस्साहस न कर सके।
  • वर्तमान घटना में शामिल तत्वों की तत्काल पहचान कर उन्हें सख्त कानूनी दंड दिया जाए।

New Delhi ‘हिंदू स्वाभिमान यात्रा’ की घोषणा

सनातन धर्म और राष्ट्र की रक्षा के संकल्प को दोहराते हुए स्वामी जी ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि समाज को जागरूक करने और अपनी आस्था के प्रति सजग रहने का संदेश देने के लिए जल्द ही देशव्यापी “हिंदू स्वाभिमान यात्रा” निकाली जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू समाज सभी का सम्मान करता है, लेकिन अपनी आस्था पर होने वाले प्रहारों को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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