Isa Ahmad
LPG tanker scam: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जब्त किए गए एलपीजी कैप्सूल टैंकरों से गैस गायब होने का आरोप लगा है। इस पूरे प्रकरण ने प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वाहन मालिक ने इस मामले में करोड़ों रुपये की गैस की अवैध निकासी, साक्ष्य छुपाने और अधिकारियों की कथित मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 को सरायपाली एसडीएम और खाद्य विभाग की टीम अवैध धान परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान एनएच-53 स्थित एक फार्महाउस पहुंची। वहां 6 एलपीजी कैप्सूल टैंकरों से अवैध रूप से गैस सिलेंडरों में रिफिलिंग की जा रही थी। टीम के पहुंचते ही मौके पर मौजूद लोग फरार हो गए। इसके बाद टीम ने टैंकर, रिफिलिंग नोजल और सिलेंडर जब्त कर सिंघोडा थाने को सौंप दिए।
LPG tanker scam: अवैध रिफिलिंग का खुलासा, 6 टैंकर जब्त-सुपुर्दगी के बाद खाली मिले वाहन
LPG tanker scam: खाद्य निरीक्षक की रिपोर्ट पर 24 दिसंबर 2025 को आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में 30 मार्च 2026 को प्रशासन की अनुमति और खाद्य विभाग की मौजूदगी में इन टैंकरों को अभनपुर स्थित ठाकुर पेट्रोकेमिकल कंपनी को सुपुर्द किया गया।
LPG tanker scam: वाहन मालिक ने मुख्यमंत्री सहित शीर्ष अधिकारियों से की शिकायत, जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित
मामले में नया मोड़ तब आया जब भिलाई निवासी वाहन मालिक उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 17 अप्रैल को टैंकर लेने कंपनी पहुंचा, लेकिन वहां टैंकर खाली पाए गए। इसके बाद उसने 23 अप्रैल को कलेक्टर और 25 अप्रैल को मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
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वहीं, पुलिस और खाद्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शिकायत मिलने के बाद जांच की बात कह रहे हैं। अपर कलेक्टर ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है और सभी की नजर जांच के निष्कर्षों पर टिकी हुई है।





