BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: भारत को निशाना बनाने वाले एक और दुश्मन का अंत हो गया है। लश्कर-ए-तैयबा का कुख्यात आतंकवादी सैफुल्लाह पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मारा गया। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, उसे सिंध के बदीन जिले के माटली तालुका में मार गिराया गया है।
कौन था सैफुल्लाह?
सैफुल्लाह कई छद्म नामों से सक्रिय था—जैसे विनोद कुमार, मोहम्मद सलीम, खालीद, वाजिद और सलीम भाई। नेपाल में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क को संचालित करने वाला यह आतंकी भारत में आतंक फैलाने के लिए आतंकवादियों की भर्ती, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता जुटाने का काम करता था। उसने नेपाल की नागरिक नगमा बानो से शादी की थी और उसी देश को अपना अड्डा बना लिया था।
आतंक की परछाई: भारत में हमलों से था जुड़ाव
सैफुल्लाह भारत में कई बड़े आतंकी हमलों में संलिप्त रहा है। इनमें रामपुर के सीआरपीएफ कैंप पर हमला, नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय पर हमला, और बेंगलुरु के आईआईएससी परिसर में बम धमाका शामिल हैं। ये घटनाएं लश्कर की भारत विरोधी साजिशों की एक झलक थीं, जिनके पीछे सैफुल्लाह जैसे आतंकियों का ही हाथ रहा।
घुसपैठ का मास्टरमाइंड
यह आतंकी भारत में आतंकियों की घुसपैठ के लिए नेपाल के रास्ते को सुरक्षित गलियारे की तरह इस्तेमाल करता था। वह लश्कर और जमात-उद-दावा जैसे आतंकी संगठनों के लिए कैडर तैयार करने और फंड इकट्ठा करने की जिम्मेदारी भी निभाता था।





