रिपोर्ट -विकास गुप्ता
Lakhimpur Kheri भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने दुधवा टाइगर रिजर्व (बफर जोन) के एक कनिष्ठ लिपिक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा है। आरोपी बाबू ने एक कर्मचारी से उसके तबादले के बदले पैसों की मांग की थी। टीम ने यह कार्रवाई शहर के व्यस्त गड्डा मार्केट इलाके में अंजाम दी।
Lakhimpur Kheri ट्रांसफर के नाम पर मांगी थी ‘घूस’
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता इंदल सिंह ने अपनी पत्नी के खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए दुधवा नेशनल पार्क से महेशपुर पोस्ट पर अपने स्थानांतरण (तबादले) के लिए आवेदन किया था। यह प्रार्थना पत्र प्रभागीय वनाधिकारी को संबोधित था, जिसे कनिष्ठ लिपिक विक्रान्त सिंह नेगी को सौंपा गया था। आरोप है कि लिपिक ने इस फाइल को आगे बढ़ाने और काम कराने के एवज में 12,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
Lakhimpur Kheri बीयर की दुकान के पास बिछाया जाल
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक टीपी सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद लखनऊ की ट्रैप टीम ने मंगलवार को जाल बिछाया। आरोपी बाबू ने रिश्वत की रकम लेने के लिए शिकायतकर्ता को विलोबी हॉल के सामने स्थित गड्डा मार्केट में एक बीयर की दुकान के पास बुलाया था। जैसे ही विक्रांत नेगी ने इंदल सिंह से 12 हजार रुपये हाथ में लिए, पहले से ही मुस्तैद टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
Lakhimpur Kheri कानूनी कार्रवाई और आरोपी का विवरण
पकड़ा गया आरोपी विक्रांत सिंह नेगी मूल रूप से उत्तराखंड के नैनीताल (हल्द्वानी) का रहने वाला है और वर्तमान में लखीमपुर की फॉरेस्ट कॉलोनी में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद टीम उसे सदर कोतवाली लेकर पहुंची, जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से वन विभाग के अन्य कर्मचारियों और बाबूओं में हड़कंप मच गया है।
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